नई दिल्ली: हाल ही में टैरिफ और व्यापार समझौते पर चर्चा करने के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल अमेरिका गया था, लेकिन इस दौरे के बाद टीम वापस वाशिंगटन से भारत लौट आई है। एक सरकारी अधिकारी ने जानकारी दी कि कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अभी तक सहमति नहीं बन पाई है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार संबंधों को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है।
📉 क्या थे मुख्य मुद्दे?
भारतीय टीम और अमेरिकी प्रतिनिधियों के बीच चर्चा में मुख्य रूप से टैरिफ दरों, व्यापार संबंधों की शर्तों, और द्विपक्षीय व्यापार समझौतों पर विचार विमर्श हुआ। हालांकि, अभी कुछ मुद्दों पर दोनों देशों के रुख अलग हैं, जिससे समझौता करने में कठिनाई हो रही है।
🔴 अमेरिका की चिंता – व्यापार असंतुलन
अमेरिका ने भारत के उच्च टैरिफ और व्यापार असंतुलन को लेकर चिंता जताई थी। अमेरिकी व्यापारिक प्रतिनिधि ने कहा कि भारतीय बाजार में अमेरिकी उत्पादों पर उच्च शुल्क लगाना एक प्रमुख बाधा है। इसके जवाब में भारतीय अधिकारियों ने व्यापारिक संबंधों में सुधार की स्वीकृति दी, लेकिन कुछ शर्तों को लेकर आखिरी समझौता नहीं हो सका।
🔵 भारत की स्थिति – सुरक्षा और व्यापार में संतुलन
भारत ने अमेरिकी पक्ष से सुरक्षा मामलों और बाजार तक पहुंच पर बातचीत की। भारतीय अधिकारियों का कहना था कि विकसित और विकासशील देशों के बीच व्यापारिक असंतुलन को सही तरीके से हल करने की आवश्यकता है। भारत ने यह भी जोर दिया कि कुछ नवीन व्यापारिक नीतियों को लागू करने में समय लग सकता है।
📊 क्या होगा अगला कदम?
अमेरिका और भारत के बीच टैरिफ और व्यापार समझौतों पर आगे की बातचीत जारी रखने की संभावना बनी हुई है। भारतीय टीम ने कहा कि इस मुद्दे पर बातचीत का सिलसिला जारी रहेगा, ताकि दोनों देशों के लिए लाभकारी समाधान निकाला जा सके।
📌 Instakhabar की रिपोर्ट:
वर्तमान में दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों में कुछ अवरोध हैं, लेकिन इन मुद्दों का समाधान होने के बाद भारत और अमेरिका के व्यापारिक रिश्तों में और मजबूती आ सकती है।
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