धनबाद में जनता मजदूर संघ ने बीसीसीएल के मृत श्रमिकों के आश्रितों को नियोजन देने की मांग को लेकर रणधीर वर्मा चौक पर सामूहिक उपवास सत्याग्रह और धरना शुरू किया। गुरुवार को बड़ी संख्या में संघ के नेता और कार्यकर्ता इस आंदोलन में शामिल हुए और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। संघ के महामंत्री अभिषेक सिंह ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि कोल इंडिया की बोर्ड बैठकों में श्रमिक हित में नीतियां तो बनती हैं, लेकिन वे केवल कागजों तक सीमित रह जाती हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में एक नियम बनाया गया था, जिसके तहत मृत श्रमिकों के आश्रितों को 86 दिनों के भीतर नए एसओपी के तहत नियोजन दिया जाना था। अभिषेक सिंह ने आरोप लगाया कि 2026 तक एक भी मामले में इस नियम का पालन नहीं किया गया है। उनके अनुसार, वर्तमान में बीसीसीएल में लगभग 1400 से 1500 नियोजन के मामले लंबित हैं। उन्होंने बीसीसीएल प्रबंधन पर नियोजन प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और घूसखोरी का आरोप लगाया। अभिषेक सिंह ने दावा किया कि इसी कारण पात्र आश्रितों को उनका हक नहीं मिल पा रहा है। अभिषेक सिंह ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही नियोजन प्रक्रिया शुरू नहीं की गई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर कोयला उत्पादन ठप करने जैसे कड़े कदम भी उठाए जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बीसीसीएल प्रबंधन की होगी। धरना स्थल पर मौजूद अन्य वक्ताओं ने भी प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल उठाए और सरकार से हस्तक्षेप कर जल्द समाधान निकालने की मांग की। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक आश्रितों को न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
बीसीसीएल में आश्रित नियोजन की मांग पर उबाल:धनबाद में जनता मजदूर संघ का सामूहिक उपवास, आंदोलन उग्र करने की चेतावनी
By InstaKhabar
On: April 2, 2026 4:12 PM






