बिहार के मुजफ्फरपुर में बुधवार देर शाम उस समय बवाल मच गया जब मझौलिया चौक पर एक कबाड़ दुकानदार की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल फैल गया। नाराज लोगों ने शव को सड़क पर रखकर नेशनल हाइवे जाम कर दिया और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। भीड़ का गुस्सा इतना भड़का कि आरोपित पंसस तुफैल अहमद के घर के बाहर खड़ी दो कार और दो बाइक को आग के हवाले कर दिया गया।
दिनदहाड़े गोलियों से भूना, अस्पताल में मृत घोषित
मृतक की पहचान मझौलिया के रहने वाले मो. गुलाब (45) के रूप में हुई है, जो कबाड़ का कारोबार करते थे। बुधवार रात करीब 8 बजे वे दुकान बंद करके बाहर बैठे थे, तभी अपराधियों ने उनके सिर, गर्दन और सीने में तीन गोलियां दाग दीं। मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप, जमकर हंगामा
हत्या के बाद मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा पुलिस पर भी फूटा। आरोप है कि घटना से पहले मारपीट को लेकर थाने में आवेदन दिया गया था, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। लोगों ने आरोप लगाया कि तुफैल अहमद की थाने में पहुंच होने के कारण पुलिस ने जानबूझकर उसे बचाया।
सीनियर अफसरों की तैनाती, देर रात पहुंचा एसएसपी
घटना के बाद मौके पर सिटी एसपी कोटा किरण कुमार, नगर एएसपी वन सुरेश कुमार, डीएसपी विनिता सिन्हा समेत कई थानों की पुलिस बल भेजा गया। स्थिति बेकाबू होती देख खुद एसएसपी सुशील कुमार ने मौके पर पहुंचकर हालात को संभाला। उन्होंने आरोपी की जल्द गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया, तब जाकर मामला शांत हुआ।
एसएसपी का बयान
एसएसपी सुशील कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में बच्चों के आपसी विवाद को लेकर हत्या की बात सामने आई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
यह वारदात ना सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि पुलिस की निष्क्रियता को भी उजागर करती है। क्या जल्द होगी आरोपी की गिरफ्तारी, या फिर मामला फिर किसी फाइल में दबकर रह जाएगा?




