रूस से कैंसर के इलाज को लेकर एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। रूस की संघीय चिकित्सा एवं जैविक एजेंसी (FMBA) ने घोषणा की है कि कोलन कैंसर (Colon Cancer Vaccine) का टीका अब इस्तेमाल के लिए लगभग तैयार है। एजेंसी की प्रमुख वेरोनिका स्क्वोत्र्सोवा ने जानकारी दी कि इस वैक्सीन ने प्रीक्लिनिकल ट्रायल्स को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है और अब इसे सुरक्षित व प्रभावी माना जा रहा है।
क्या है खास इस कोलन कैंसर वैक्सीन में?
👉 इस टीके का मुख्य लक्ष्य कोलोरेक्टल कैंसर (Colorectal Cancer) है, जिसे दुनियाभर में कैंसर से होने वाली मौतों का प्रमुख कारण माना जाता है।
👉 वैक्सीन को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह शरीर की इम्यून सिस्टम (Immune System) को कैंसर कोशिकाओं की पहचान करने और उनसे लड़ने के लिए सक्रिय कर सके।
👉 यह कैंसर के इलाज में एक नया मील का पत्थर साबित हो सकता है क्योंकि अब तक अधिकांश मरीजों को केवल कीमोथेरेपी, रेडिएशन और सर्जरी पर ही निर्भर रहना पड़ता था।
अन्य कैंसर के लिए पहले से उपलब्ध टीके
वर्तमान में प्रोस्टेट कैंसर (Prostate Cancer) और मूत्राशय कैंसर (Bladder Cancer) के लिए वैक्सीन उपलब्ध हैं, लेकिन कोलन कैंसर वैक्सीन का विकास कैंसर शोध जगत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
कोलन कैंसर क्यों है खतरनाक?
- विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, हर साल लाखों लोग कोलोरेक्टल कैंसर का शिकार होते हैं।
- शुरुआती लक्षण सामान्य पाचन संबंधी समस्याओं जैसे लगते हैं, जिससे मरीज देर से इलाज शुरू कर पाते हैं।
- देर से पता चलने पर कैंसर शरीर में फैल जाता है और मौत का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
भारत के लिए क्या होगा फायदा?
भारत में भी हर साल हजारों नए कोलोरेक्टल कैंसर के मामले दर्ज होते हैं। अगर यह रूसी वैक्सीन क्लिनिकल ट्रायल्स के बाद वैश्विक स्तर पर उपलब्ध हो जाती है तो भारतीय मरीजों को भी इसका लाभ मिल सकता है।
निष्कर्ष
रूस की यह कोलन कैंसर वैक्सीन (Colon Cancer Vaccine in Russia) कैंसर से लड़ाई में एक नई उम्मीद लेकर आई है। अगर यह जल्द ही आम मरीजों तक पहुंच पाती है तो कैंसर के इलाज में क्रांतिकारी बदलाव संभव है।




