नई दिल्ली में एक ऐसी जघन्य वारदात सामने आई है जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। गांधी विहार इलाके में रहने वाले एक यूपीएससी अभ्यर्थी की हत्या उसकी ही लिव-इन पार्टनर ने अपने पूर्व प्रेमी और एक अन्य साथी की मदद से कर दी। हत्या के बाद आरोपियों ने शव को जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश की।
🔥 घटना का पूरा घटनाक्रम
मृतक की पहचान 32 वर्षीय रामकेश मीणा के रूप में हुई है, जो राजस्थान का रहने वाला था और दिल्ली में यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। वह अपनी लिव-इन पार्टनर अमृता चौहान (21 वर्ष, फॉरेंसिक साइंस की छात्रा) के साथ गांधी विहार के ई-60 फ्लैट में रह रहा था।
6 अक्टूबर की रात पुलिस को आग लगने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचे अग्निशमनकर्मियों ने जब दरवाजा तोड़ा, तो अंदर एक बुरी तरह झुलसा हुआ शव मिला। शुरुआत में यह एसी ब्लास्ट या गैस लीकेज से हुई दुर्घटना लग रही थी, लेकिन जांच ने हैरान कर देने वाले राज खोले।
🕵️♀️ कैसे हुआ खुलासा
सीसीटीवी फुटेज में रात 2 बजे के करीब दो संदिग्ध व्यक्ति इमारत में प्रवेश करते दिखे और कुछ देर बाद एक महिला को बाहर निकलते देखा गया। पुलिस ने जब तकनीकी जांच की तो साफ हुआ कि घटना से कुछ घंटे पहले अमृता ने अपने एक्स-बॉयफ्रेंड सुमित कश्यप और उसके दोस्त संदीप कुमार से मुलाकात की थी।
तीनों ने मिलकर रामकेश की हत्या की साजिश रची। योजना के अनुसार, पहले गला घोंटकर उसकी हत्या की गई और फिर शव के ऊपर घी, तेल, शराब डालकर किताबों से चिता बनाकर जला दिया गया। ताकि यह लगे कि किसी हादसे में उसकी मौत हुई है। यहां तक कि गैस सिलिंडर का वाल्व खोलकर आग को और फैलाने की कोशिश की गई थी।
💬 हत्या का कारण
जांच में सामने आया कि अमृता के निजी वीडियो और फोटो मृतक के पास थे, जिन्हें उसने हटाने से इनकार कर दिया था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कई बार झगड़ा हुआ। अमृता ने अपने पुराने प्रेमी सुमित के साथ मिलकर रामकेश से बदला लेने का फैसला किया।
सूत्रों के अनुसार, अमृता ने फॉरेंसिक साइंस की पढ़ाई के दौरान अपराधों की जांच के तरीके सीखे थे और उसी ज्ञान का इस्तेमाल इस हत्या को अंजाम देने में किया। उसने अपराध को दुर्घटना जैसा दिखाने की पूरी कोशिश की, लेकिन पुलिस की बारीकी से की गई जांच ने सारा सच सामने ला दिया।
🚨 गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 18 अक्टूबर को अमृता को गिरफ्तार किया। इसके बाद उसके दोनों सहयोगी सुमित और संदीप को भी पकड़ा गया।
तीनों पर हत्या, साजिश, और सबूत मिटाने की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
पुलिस ने मृतक के कमरे से हार्ड डिस्क, लैपटॉप और मोबाइल जब्त किए हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि हार्ड डिस्क में कई अन्य महिलाओं के वीडियो भी मौजूद थे, जिन्हें लेकर पुलिस अब अलग से जांच कर रही है।
⚠️ समाज के लिए बड़ा सबक
यह घटना बताती है कि निजी रिश्तों में गोपनीयता और भरोसे का टूटना किस हद तक विनाशकारी हो सकता है। तकनीकी ज्ञान और सोशल मीडिया के युग में जब हर जानकारी हथियार बन सकती है, तब नैतिकता और मानसिक संतुलन बनाए रखना पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है।
यह सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि रिश्तों, डिजिटल प्राइवेसी और युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल उठाती है।




