रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्य (सामाजिक विज्ञान विषय) नियुक्ति प्रक्रिया का संशोधित परिणाम जारी कर दिया है। इस नतीजे में 2748 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए हैं, जबकि कुल 16653 पद खाली रह गए हैं।
पहले के परिणाम में त्रुटि
- आयोग ने इससे पहले 3033 अभ्यर्थियों की सूची जारी की थी।
- लेकिन जांच में पाया गया कि कुछ आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को दोहरा आरक्षण लाभ दे दिया गया था।
- शिक्षा विभाग के निर्देश पर JSSC ने यह त्रुटि सुधारी और संशोधित परिणाम जारी किया।
- संशोधन के बाद सफल अभ्यर्थियों की संख्या घटकर 2748 हो गई।
भारी संख्या में पद खाली
- इस नियुक्ति प्रक्रिया में कुल 26,001 पदों पर भर्ती होनी थी।
- अब तक केवल 9348 अभ्यर्थियों का चयन हो पाया है।
- यानी कुल 16,653 पद अभी भी रिक्त हैं।
- खाली रहने वाले अधिकांश पद पारा शिक्षक श्रेणी के हैं।
कानूनी पेंच और लंबित मामले
- इस पूरी भर्ती प्रक्रिया को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में दो याचिकाएँ लंबित हैं।
- कोर्ट का अंतिम आदेश इस भर्ती को प्रभावित कर सकता है।
- इसके अलावा कई अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र और अभिलेखों में गड़बड़ी या स्पष्टता न होने की वजह से कुछ परिणाम लंबित रखे गए हैं।
- आयोग ने संकेत दिया है कि आगे जिला आवंटन और संशोधन की प्रक्रिया भी की जा सकती है।
उम्मीदवारों की नाराज़गी
- अभ्यर्थियों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में पदों का खाली रह जाना राज्य में शिक्षक संकट को और बढ़ाएगा।
- कई चयनित उम्मीदवार भी जिला आवंटन में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।
👉 इस संशोधित परिणाम ने हजारों उम्मीदवारों की उम्मीदें तोड़ दीं और झारखंड के शिक्षा विभाग में शिक्षक नियुक्ति को लेकर सवालों की नई लहर खड़ी कर दी है।




