नई दिल्ली: अगर आप पहली बार लोन लेने जा रहे हैं तो आपके लिए एक बड़ी राहत की खबर है। वित्त मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि पहली बार लोन लेने वाले आवेदकों के लिए CIBIL स्कोर अनिवार्य नहीं है।
लोकसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि RBI के 6 जनवरी 2025 को जारी निर्देश के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति का क्रेडिट इतिहास नहीं है तो बैंक केवल इसी वजह से लोन एप्लिकेशन खारिज नहीं कर सकते।
📌 CIBIL स्कोर क्या है?
- CIBIL का पूरा नाम है Credit Information Bureau (India) Limited।
- यह 3 अंकों का स्कोर (300 से 900 तक) तय करता है।
- 750+ स्कोर अच्छा माना जाता है।
- 850 स्कोर होने पर बैंक से ब्याज दर और लोन राशि पर भी बातचीत की जा सकती है।
📌 पहली बार लोन लेने वालों के लिए क्या नियम हैं?
- CIBIL स्कोर न होने पर भी लोन एप्लिकेशन रिजेक्ट नहीं होगा।
- बैंक को आवेदक की पृष्ठभूमि, आय और भुगतान क्षमता की जांच करनी होगी।
- पुराने या सेटल लोन, बट्टे खाते (Write-off) और रिपेमेंट हिस्ट्री की पड़ताल ज़रूरी होगी।
📌 क्रेडिट रिपोर्ट की फीस
क्रेडिट रिपोर्ट देने वाली कंपनियां किसी भी व्यक्ति से अधिकतम ₹100 शुल्क ले सकती हैं। इससे ज़्यादा वसूली की इजाज़त नहीं है।
❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. क्या पहली बार लोन लेने पर CIBIL स्कोर ज़रूरी है?
👉 नहीं, वित्त मंत्रालय और RBI ने साफ किया है कि पहली बार लोन लेने वालों के लिए CIBIL स्कोर अनिवार्य नहीं है।
Q2. अगर मेरा CIBIL स्कोर नहीं है तो क्या बैंक लोन देगा?
👉 हाँ, लेकिन बैंक आपकी पृष्ठभूमि, आय और भुगतान क्षमता की जांच करने के बाद ही लोन मंज़ूर करेगा।
Q3. अच्छा CIBIL स्कोर किसे कहते हैं?
👉 750 से ऊपर का स्कोर अच्छा माना जाता है, और 850 होने पर लोन की शर्तों पर मोलभाव भी किया जा सकता है।
Q4. क्रेडिट रिपोर्ट की कीमत कितनी है?
👉 क्रेडिट रिपोर्ट पाने के लिए कंपनियां अधिकतम ₹100 तक का शुल्क ले सकती हैं।
Q5. पहली बार लोन लेने वालों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
👉 EMI समय पर भरें, क्रेडिट कार्ड का भुगतान ड्यू डेट से पहले करें और किसी भी लोन पर डिफॉल्ट न करें। इससे भविष्य में आपका CIBIL स्कोर मजबूत होगा।
👉 निचोड़: पहली बार लोन लेने वालों के लिए CIBIL स्कोर की चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। बैंक आपकी बैकग्राउंड और भुगतान क्षमता देखकर ही फैसला करेंगे।




