मौसम बदलते ही गुरुग्राम और एनसीआर में वायरल बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में सिर्फ एक हफ्ते के भीतर मरीजों की संख्या में 25% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कई मामलों में देखा गया है कि मरीजों के खून में प्लेटलेट्स की गिनती तेजी से गिर रही है।
⚠️ हर बार डेंगू नहीं होता प्लेटलेट गिरना
डॉक्टर्स के अनुसार, प्लेटलेट्स की संख्या गिरने का मतलब हमेशा डेंगू नहीं होता। सामान्य वायरल बुखार और अन्य संक्रमणों में भी प्लेटलेट्स कम हो सकते हैं। ऐसे में घबराने के बजाय जांच और सही इलाज कराना ज़रूरी है।
🩺 डॉक्टर्स की सलाह
- वायरल बुखार होने पर तुरंत CBC (Complete Blood Count) टेस्ट कराएँ।
- पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ का सेवन करें।
- मौसमी फल जैसे संतरा, नींबू और पपीता खाएँ, जो इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार हैं।
- यदि प्लेटलेट्स बहुत कम हो जाएँ या खून बहने, कमजोरी और चक्कर जैसी गंभीर लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
📈 स्वास्थ्य विभाग की चुनौतियाँ
गुरुग्राम और NCR के अस्पतालों में रोजाना ऐसे मरीज पहुँच रहे हैं जिनके प्लेटलेट्स घट रहे हैं, लेकिन डेंगू की रिपोर्ट नेगेटिव आती है। इससे साफ है कि प्लेटलेट काउंट गिरने को सीधे डेंगू से जोड़ना गलत है। स्वास्थ्य विभाग के लिए यह चुनौती है कि मरीजों की समय पर पहचान और सही उपचार सुनिश्चित किया जाए।
✅ निष्कर्ष
वायरल बुखार के दौरान प्लेटलेट्स का गिरना सामान्य हो सकता है, लेकिन यह हमेशा डेंगू का संकेत नहीं होता। इसलिए लोगों को घबराने के बजाय टेस्ट कराना और डॉक्टर की सलाह पर ही इलाज लेना चाहिए। समय रहते जागरूकता और सावधानी से बड़ी परेशानी टाली जा सकती है।




