रांची – झारखंड में शराब की बिक्री व्यवस्था में बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य की कुल 1255 शराब दुकानों में से अधिकांश का हैंडओवर-टेकओवर (सोपान प्रक्रिया) पूरा हो चुका है। इन दुकानों को अब झारखंड राज्य मद्यनिषेध एवं उत्पाद निगम लिमिटेड (JSBCL) द्वारा नियंत्रित किया जाएगा। अब तक 285 दुकानों को JSBCL ने अपने आधिकारिक नियंत्रण में ले लिया है।
निगम ने इन दुकानों पर काम कर रहे कर्मचारियों को भी अपने पेरोल पर ले लिया है, जिससे उनके वेतन का भुगतान अब JSBCL ही करेगा। यह कदम राज्य सरकार के उस निर्णय का हिस्सा है जिसके तहत शराब की बिक्री और प्रबंधन को एक अधिक पारदर्शी और नियंत्रित प्रणाली के तहत लाया जाना है।
🔍 दुकानों का ऑडिट भी जारी
हैंडओवर की प्रक्रिया के दौरान दुकानों का गहन ऑडिट किया जा रहा है। इस ऑडिट का उद्देश्य पिछली व्यवस्था में हुई संभावित अनियमितताओं की जांच करना है। उत्पाद विभाग का मानना है कि इससे भ्रष्टाचार और वित्तीय गड़बड़ियों का पर्दाफाश हो सकता है।
⏳ बिक्री इस सप्ताह के अंत तक होगी सामान्य
अधिकारियों का कहना है कि अभी कुछ दुकानें खुलनी बाकी हैं लेकिन उम्मीद है कि इस सप्ताह के अंत तक राज्य में शराब की बिक्री पूरी तरह से सामान्य हो जाएगी। अभी जिन जिलों में दुकानों का संचालन बाधित था, वहां भी नए टेंडर और स्टाफिंग की प्रक्रिया तेज़ी से चल रही है।
📌 निगम नियंत्रण से क्या होगा लाभ?
- शराब बिक्री पर बेहतर सरकारी नियंत्रण
- अधिक राजस्व संग्रह की संभावना
- कर्मचारियों को समय पर वेतन
- पारदर्शिता और जवाबदेही में सुधार
राज्य सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम जहां एक ओर प्रणाली को सुचारू और व्यवस्थित बनाने की दिशा में है, वहीं इसके माध्यम से राजस्व में बढ़ोत्तरी और अनियमितताओं पर लगाम लगाने की उम्मीद भी की जा रही है।






