रांची: झारखंड हाई कोर्ट ने राज्य में मोटर वाहन अधिनियम के उल्लंघन पर सख्त रुख अपनाते हुए सभी जिलों में नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। यह आदेश चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सभी प्रकार के वाहनों से प्रेशर हार्न, फ्लैशिंग लाइट्स, अवैध हेडलाइट्स, और अनधिकृत झंडे (राजनीतिक, धार्मिक या अन्य कोई) तुरंत हटाए जाएं। इसके साथ ही राष्ट्रीय ध्वज संहिता के उल्लंघन पर भी कोर्ट ने चिंता जताई और संबंधित अधिकारियों को कानून का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा।
कोर्ट ने रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का भी निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि ध्वनि प्रदूषण न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर डालता है।
प्रमुख निर्देश:
- वाहनों पर लगे प्रेशर हार्न और तेज रोशनी वाली लाइटें हटाई जाएं
- किसी भी प्रकार के गैरकानूनी झंडे और पोस्टर तत्काल हटाए जाएं
- रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर पर पूर्ण प्रतिबंध
- ध्वज संहिता का कड़ाई से पालन अनिवार्य
प्रशासन को चेतावनी:
हाई कोर्ट ने राज्य प्रशासन और पुलिस विभाग को आदेश दिया कि इस आदेश का पालन सुनिश्चित करें। यदि नियमों की अनदेखी हुई तो संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार माने जाएंगे।
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