गोड्डा (झारखंड)। गोड्डा जिले के महागामा थाना क्षेत्र के कस्बा गांव स्थित उम्मूल मोमिन जामिया आयशा लिल बनात मदरसा में शुक्रवार सुबह एक छात्रा का शव फंदे से लटकता मिला। मृतका बिहार के भागलपुर जिले के सनोखर गांव निवासी मोहम्मद तैय्यब की पुत्री बताई जा रही है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और मदरसे की सभी छात्राओं को घर भेज दिया गया।
घटना का विवरण
परिजनों को सुबह सात बजे घटना की जानकारी मिली। जब वे मदरसे पहुंचे तो बेटी मृत अवस्था में मिली। अन्य छात्राओं ने बताया कि रात 10 बजे तक सब सामान्य था, लेकिन रात में क्या हुआ, किसी को पता नहीं चला।
पिता ने लगाया हत्या का आरोप
मृतका के पिता मोहम्मद तैय्यब का कहना है कि उनकी बच्ची आत्महत्या नहीं कर सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि बच्ची की गला दबाकर हत्या की गई है और पूरे मामले की गहन जांच होनी चाहिए।
सुसाइड नोट मिला, फिर भी शक गहराया
पुलिस ने घटनास्थल से एक सुसाइड नोट बरामद किया है। हालांकि परिजन इसे मानने से इंकार कर रहे हैं और हत्या की आशंका जता रहे हैं।
पुलिस और पोस्टमार्टम
सूचना पाकर महागामा एसडीपीओ चंद्रशेखर आजाद और थाना प्रभारी शिवदयाल सिंह घटनास्थल पर पहुंचे और जांच शुरू की। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या जैसा लग रहा है, लेकिन पुलिस ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।
शव को पहले गोड्डा सदर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन संवेदनशीलता को देखते हुए पोस्टमार्टम के लिए दुमका स्थित फूलो-झानो मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम से पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
मंत्री ने कड़ी कार्रवाई की मांग की
झारखंड की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि बच्ची की मौत का मामला बेहद गंभीर है। दोषियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
मदरसे के संचालन पर सवाल
पूर्व जिप सदस्य बीबी निशात जिया ने कहा कि जब मदरसे में सैकड़ों बच्चियां पढ़ती हैं तो पुरुषों के हाथों संचालन उचित नहीं है। उन्होंने बच्चियों की सुरक्षा और भविष्य को देखते हुए गहन जांच की मांग की।






