दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के सर्जरी विभाग में शुक्रवार को हर्निया जन-जागरूकता कार्यक्रम एवं सफदरजंग हर्निया अपडेट का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संयोजन सर्जरी विभाग के प्रोफेसर डॉ. मेघराज कुंदन ने किया। कार्यक्रम में देश के प्रमुख सर्जनों और विशेषज्ञों ने हर्निया के लक्षणों, जोखिम कारकों, बचाव और आधुनिक उपचार पद्धतियों पर विस्तार से चर्चा की। अस्पताल की निदेशक डॉ. कविता रानी शर्मा और मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. चारू बांबा ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि हर्निया को लेकर आम लोगों में आज भी पर्याप्त जागरूकता नहीं है। अधिकांश लोग शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिस कारण बीमारी गंभीर रूप ले सकती है और जटिलताएं बढ़ जाती हैं। विशेषज्ञों ने कहा समय पर पहचान और उचित उपचार से हर्निया का प्रभावी और स्थायी इलाज संभव है। इसके लिए मरीजों को शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। भारी वजन, पुरानी खांसी और कब्ज बन सकते हैं कारण कार्यक्रम में डॉ. अशोक कुमार शर्मा, डॉ. शिवानी बी. पारुथी, डॉ. ललित अग्रवाल, डॉ. ऋषिकेश कुमार, डॉ. विनायक वर्मा और डॉ. शैलेंद्र कुमार सहित कई विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया लगातार भारी वजन उठाना, पुरानी खांसी, लंबे समय तक कब्ज की समस्या और पेट की मांसपेशियों पर अत्यधिक दबाव हर्निया के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर जांच और लैप्रोस्कोपिक (दूरबीन) सर्जरी के माध्यम से हर्निया का सुरक्षित और स्थायी उपचार किया जा सकता है। सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. राज कुमार चेजारा ने कहा कि हर्निया का कोई घरेलू या दवाओं से स्थायी इलाज नहीं है। सर्जरी ही इसका प्रभावी उपचार है। हमारी कोशिश है कि अधिक से अधिक लोगों तक सही जानकारी पहुंचे, ताकि वे समय रहते अस्पताल आकर उपचार करा सकें और गंभीर जटिलताओं से बच सकें।
सफदरजंग अस्पताल में हर्निया जागरूकता कार्यक्रम:विशेषज्ञों ने बताए लक्षण, कारण और उपचार के तरीके, समय पर जांच और सर्जरी ही बचाव
By InstaKhabar
On: June 20, 2026 8:28 PM






