नई दिल्ली। नॉर्थ डीएमसी मेडिकल कॉलेज और हिंदू राव अस्पताल परिसर में शनिवार सुबह 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस उत्साह और ऊर्जा के साथ मनाया गया। सुबह 6:30 बजे आयोजित विशेष योग सत्र में मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं, रेजिडेंट डॉक्टरों, वरिष्ठ संकाय सदस्यों और अस्पताल कर्मचारियों सहित 100 से अधिक लोगों ने भाग लिया अस्पताल परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्य योग प्रशिक्षक भदौरिया ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया। उन्होंने बताया कि व्यस्त जीवनशैली और मेडिकल प्रोफेशन के तनाव के बीच योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने का प्रभावी माध्यम है। प्रतिभागियों को दैनिक जीवन में योग को शामिल करने और नियमित अभ्यास के जरिए तनाव कम करने, एकाग्रता बढ़ाने तथा बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखने के बारे में भी जानकारी दी गई। स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग अपनाने का संदेश कार्यक्रम के दौरान संस्थान के डीन डॉ. वी.के. तिवारी ने इस वर्ष के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम ‘स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग’ पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बढ़ती उम्र के साथ शरीर को सक्रिय, संतुलित और आत्मनिर्भर बनाए रखने में योग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। डॉ. तिवारी ने कहा कि यदि लोग कम उम्र से ही योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लें तो उम्र बढ़ने के बावजूद उनका शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर बना रह सकता है। डॉक्टरों और छात्रों के लिए क्यों जरूरी है योग मेडिकल छात्रों और डॉक्टरों की दिनचर्या अत्यंत व्यस्त और तनावपूर्ण होती है। लंबे समय तक काम करने, आपातकालीन परिस्थितियों और मानसिक दबाव के बीच योग उन्हें बेहतर मानसिक संतुलन और ऊर्जा प्रदान कर सकता है। अस्पताल की मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. सुमन मेंहदीरत्ता ने कहा कि मरीजों की लगातार सेवा में जुटे रहने वाले डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए मानसिक और शारीरिक फिटनेस बेहद जरूरी है। ऐसे सामूहिक योग कार्यक्रम तनाव कम करने के साथ-साथ कार्यस्थल पर सकारात्मक माहौल बनाने में भी मदद करते हैं।
दिल्ली के हिंदू राव अस्पताल में गूंजा योग का मंत्र:योग दिवस पर डॉक्टरों और छात्रों ने सीखे फिटनेस के गुर, तनावमुक्त- स्वस्थ जीवन के उपाय बताए
By InstaKhabar
On: June 20, 2026 8:28 PM






