बरही (हजारीबाग): ब्लॉक कैंपस के अंदर स्थित FCI गोदाम के पास का हैंडपंप, जो पिछले 20 सालों से ग्रामीणों, दुकानदारों और राहगीरों के लिए जीवनरेखा बना हुआ था, अब प्यास बुझाने के बजाय परेशानी का सबब बन गया है।
जानकारी के अनुसार, यह चापाकल पीएचडी विभाग द्वारा लगभग दो दशक पहले लगाया गया था, जिससे रोज सैकड़ों लोग पानी पीते और उपयोग करते थे। लेकिन 12 अक्टूबर 2025 को एक ठेकेदार द्वारा इसमें मोटर फिट कर दी गई, और हैंडल को फ्री (ढीला) कर दिया गया। नतीजा—अब सामान्य लोग हैंडपंप से पानी नहीं निकाल पा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मोटर के कारण पूरा पानी ठेकेदार के कब्जे में चला गया है, जिससे आम जनता के लिए पानी का संकट गहराता जा रहा है।
ग्रामीणों में खासा आक्रोश है, क्योंकि न तो प्रशासनिक अधिकारी इस ओर ध्यान दे रहे हैं और न ही जनप्रतिनिधि।
पानी की किल्लत से मनोज ठाकुर, गायत्री देवी, मनोज साव, अर्जुन परजापति, मेहता होटल के संचालक, छोटू कुमार सहित कई लोग परेशान हैं।
लोगों का कहना है कि अगर शीघ्र ही हैंडपंप की स्थिति सामान्य नहीं की गई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
स्थानीय नागरिकों की मांग:
🔹 मोटर हटाई जाए और चापाकल को पहले जैसा सार्वजनिक उपयोग के लिए बहाल किया जाए।
🔹 जिम्मेदार ठेकेदार पर कार्रवाई की जाए।
🔹 विभाग के अधिकारी मौके पर जांच करें।




