चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने मंगलवार को कहा कि देश में सभी लोगों को शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन सड़क पर उतरकर आम लोगों के लिए परेशानी खड़ी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के नाम पर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या डर का माहौल बनाने की परमिशन नहीं दी जा सकती। CJI ने यह बात नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नामकरण को लेकर चल रहे विवाद से जुड़ी सुनवाई के दौरान कही। याचिका में दावा किया गया था कि एयरपोर्ट के नाम को लेकर प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर आपराधिक मामले दर्ज किए जा रहे हैं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट बोला- सरकार जवाब न दे तो लोग मांग उठाते रहें CJI सूर्यकांत के साथ जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ‘प्रकाशज्योत सामाजिक संस्था’ की याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें नवी मुंबई एयरपोर्ट का नाम लोकनेता डीबी पाटिल नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट रखने की मांग की गई थी। याचिका में केंद्र सरकार को तय समय के भीतर फैसला लेने का आदेश देने की अपील भी की गई थी। साथ ही याचिका में बॉम्बे हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें ऐसी ही मांग वाली याचिका खारिज कर दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों को अपनी मांगें उठाने और उचित मंच पर अपनी बात रखने का अधिकार है। अगर सरकार तुरंत जवाब नहीं देती, तो लोगों को लगातार अपनी मांग उठाते रहना चाहिए। CJI ने कहा- लोकतांत्रिक व्यवस्था में आखिरकार सरकार और संबंधित अधिकारी समझते हैं कि किसी मुद्दे पर फैसला लेना जरूरी है। कोर्ट रूम लाइव- ——————————————– ये खबर भी पढ़ें… CJI सूर्यकांत ने कॅाकरोच वाले बयान पर कहा- इसे गलत तरीके से पेश किया गया चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत ने शनिवार को अपनी पैरासाइट और कॅाकरोच वाली टिप्पणी पर सफाई दी। उन्होनें कहा कि मीडिया के एक वर्ग ने मेरी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया। CJI ने कहा- मेरी टिप्पणी खास तौर पर उन लोगों के लिए थी, जो फर्जी और नकली डिग्रियों के सहारे वकालत जैसे पेशों में आ गए हैं। पढ़ें पूरी खबर…
CJI सूर्यकांत बोले- शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार:लेकिन सड़क जाम कर लोगों को परेशान नहीं कर सकते, डर का माहौल बनाने की परमिशन नहीं
By InstaKhabar
On: May 19, 2026 6:35 PM






