नीलाम्बर-पीताम्बर विश्वविद्यालय (एनपीयू) में कुप्रबंधन, वित्तीय अनियमितता और परीक्षा संचालन से जुड़े मामलों की जांच के बीच पूर्व वित्तीय सलाहकार विनय कुमार वर्मा ने कुलपति डॉ दिनेश कुमार सिंह की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राज्यपाल सचिवालय और उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को भेजे पत्र में उन्होंने दावा किया है कि कुलपति के कार्यभार संभालने के बाद वित्तीय संचिकाएं नियमित प्रक्रिया के तहत वित्त शाखा में भेजने के बजाय कुलपति कक्ष में मंगाई जाती थीं और वहीं से वित्तीय कामकाज होता था। वर्मा के अनुसार, पूर्व कुलसचिव और वर्तमान सीसीडीसी को वीसी ऑफिस में बैठाकर निविदा प्रकाशन समेत अन्य काम कराए जाते थे। संचिकाएं भी कुलपति के निर्देश पर तैयार कराई जाती थीं। नियमों और परिनियमों का उल्लेख करने वाले शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मियों को स्थानांतरित करने का दबाव बनाए जाने का भी आरोप है। वर्मा ने कहा है कि कुलपति की कार्यशैली से परेशान होकर उन्होंने 6 सितंबर 2025 को वित्तीय सलाहकार पद से इस्तीफा दिया था। वर्मा ने तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक प्रो. रविशंकर के मामले को भी पत्र में उठाया है। उनके अनुसार, निर्धारित अवधि पूरी होने से पहले रविशंकर को सुदूर महाविद्यालय में स्थानांतरित कर दिया गया। संचिकाओं और समितियों की कार्यवाही पर भी आरोप वर्मा ने कहा है कि वित्तीय संचिकाओं में नियमों का उल्लेख करने पर नाराजगी और धमकी का सामना करना पड़ता था। उन्होंने कुछ संचिकाओं में छेड़छाड़ की आशंका भी जताई है। वैधानिक समितियों की बैठकों को लेकर उनका दावा है कि कुलपति के कथित दबाव के कारण सदस्य खुलकर अपनी बात नहीं रख पाते थे। बैठकों की कार्यवाही कुलपति के अनुसार तैयार कराकर सदस्यों से हस्ताक्षर लिए जाते थे।
एनपीयू के वीसी पर आरोप:वित्त शाखा में भेजने के बजाय ऑफिस में मंगाई जाती थीं फाइलें
By InstaKhabar
On: September 28, 2026 8:34 AM





