प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार को मुंबई एयरपोर्ट से एक एडवोकेट को गिरफ्तार किया। यह मामला देशभर में हुए साइबर फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट से जुड़ा है। इस मामले में करीब ₹28,000 करोड़ के बैंकिंग लेनदेन की जांच हो रही है। एडवोकेट की गिरफ्तारी के बाद अब तक गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 7 हो गई है। ED ने बताया कि गोवा पुलिस ने 9 जून 2025 को इस मामले में FIR दर्ज की थी। इसके बाद जांच शुरू हुई। गोवा की एक महिला को साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट कर लिया था। 21 मई से 2 जून 2025 के बीच ठगों ने महिला से 400 म्यूल बैंक अकाउंट में ₹2.60 करोड़ ट्रांसफर कराए। उपाध्याय साइबर ठगी करने वाले नेटवर्क से जुड़ा था आरोपी दिल्ली जाने वाली फ्लाइट में बैठने वाला था। इसके बाद आरोपी को पणजी ले जाया गया और मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) की विशेष अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे 29 अक्टूबर तक ED की हिरासत में भेज दिया। ED ने अदालत को बताया कि उपाध्याय साइबर ठगी करने वाले नेटवर्क से जुड़ा था। जब पुलिस की शिकायत के बाद इस नेटवर्क के बैंक अकाउंट फ्रीज कर दिए जाते थे, तो आरोपी अधिकारियों को रिश्वत देकर उन्हें दोबारा चालू करवा देता था। आरोप है कि रिश्वत की रकम अंगड़िया नेटवर्क के जरिए पहुंचाई जाती थी, जो नकद लेनदेन का काम करता है। ED के मुताबिक, उपाध्याय ने एडवोकेट के तौर पर अपना नाम दर्ज कराया था, लेकिन उसने न तो किसी आरोपी या उनकी कंपनी की ओर से अदालत में पैरवी की और न ही कोई वकालतनामा दाखिल किया। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
₹28 हजार करोड़ के साइबर फ्रॉड में एडवोकेट गिरफ्तार:₹2.60 करोड़ 400 बैंक खातों में ट्रांसफर किए; ED ने अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया
By InstaKhabar
On: October 25, 2026 10:33 AM






