चक्रधरपुर (झारखंड):
झारखंड के चक्रधरपुर रेल मंडल में रेल हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। शनिवार को बीरमित्रपुर स्टेशन पर एक मालगाड़ी के कई डिब्बे पटरी से उतर गए थे। इसके बाद राहत और बचाव कार्य जारी था, लेकिन इस दौरान जो हुआ उसने रेलवे की लापरवाही और तकनीकी लाचारी दोनों को उजागर कर दिया।
जानकारी के अनुसार, पटरी से उतरे डिब्बों को वापस लाइन पर लाने का प्रयास चल रहा था कि अचानक 6 डिब्बे रोल डाउन होकर फिर से पटरी से उतर गए। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई रेलकर्मी या अधिकारी घायल नहीं हुआ, लेकिन घटना के समय राहत कार्य में जुटे कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। वे जान बचाकर इधर-उधर भागे।
रेलवे सूत्रों का कहना है कि डिब्बों को खींचने के लिए जो तकनीक अपनाई जा रही थी, उसमें कुछ खामी रह गई, जिसके चलते डिब्बे संतुलन खो बैठे और दोबारा डिरेल हो गए।
पहले भी हो चुके हैं कई हादसे
चक्रधरपुर रेल मंडल में ट्रेन या मालगाड़ी के पटरी से उतरने की घटनाएं अब आम होती जा रही हैं। बीते कुछ महीनों में यहां बार-बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन इस बार का मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि हादसे के बाद राहत कार्य के दौरान ही दोबारा डिब्बे पटरी से उतर गए।
रेलवे की कार्यशैली पर सवाल
रेल हादसों की बढ़ती संख्या और राहत कार्य में भी चूक अब रेलवे की कार्यशैली और तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि या तो ट्रैक की गुणवत्ता में कमी है या फिर रेलवे कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण और संसाधन नहीं दिए जा रहे।
क्या बोले अधिकारी?
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होना एक बड़ी चूक है।






