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बरही रियाडा में वायु प्रदूषण का खतरा बढ़ा — फैक्ट्रियों से निकलता धुआं बना लोगों की परेशानी का कारण

On: October 27, 2025 10:42 PM
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बरही रियाडा में वायु प्रदूषण का खतरा बढ़ा — फैक्ट्रियों से निकलता धुआं बना लोगों की परेशानी का कारण

बरही (हजारीबाग): बरही प्रखंड के रियाडा क्षेत्र में स्थित पवनपुत्र स्टील एंड अलॉयज तथा श्रेष्ठ स्टील एंड एनर्जी एलएलपी फैक्ट्रियों से निकल रहा घना धुआं स्थानीय लोगों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन गया है। ग्रामीणों ने बताया कि इन दोनों फैक्ट्रियों के साथ-साथ रियाडा क्षेत्र की अन्य फैक्ट्रियों का भी यही हाल है, जहाँ से बिना नियंत्रण के धुआं और राख निकल रही है। इस कारण पूरा इलाका प्रदूषण की चपेट में आ गया है।


🚩 ग्रामीणों की बढ़ती शिकायतें

स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह और शाम के समय जब फैक्ट्रियों में उत्पादन तेज़ी पर होता है, तो आसमान काले धुएं से ढक जाता है। हवा में उड़ने वाले सूक्ष्म कण सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन पैदा कर रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, “पहले जहाँ हम खुले में सांस ले सकते थे, अब धुएं की बदबू और राख से घरों के भीतर तक घुटन महसूस होती है।”

कई किसानों ने बताया कि इसका असर फसलों पर भी पड़ रहा है — पत्तियों पर राख की परत जम जाती है जिससे पौधों की वृद्धि प्रभावित होती है।


🏭 पर्यावरणीय मानकों की अनदेखी

ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र की कई फैक्ट्रियां प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PCB) के मानकों का पालन नहीं कर रही हैं। धुएं को नियंत्रित करने वाले चिमनी फिल्टर सिस्टम या तो खराब पड़े हैं या जानबूझकर बंद रखे जाते हैं।
लोगों का कहना है कि फैक्ट्रियों की निगरानी के लिए प्रशासनिक टीमों का आना-जाना भी बहुत कम होता है।


🧾 जांच और कार्रवाई की मांग

स्थानीय सामाजिक संगठनों और पंचायत प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन और झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से संपूर्ण रियाडा औद्योगिक क्षेत्र की जांच कराने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि विकास के नाम पर प्रदूषण को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। उद्योग आवश्यक हैं, परंतु उनका संचालन पर्यावरण संरक्षण मानकों के तहत होना चाहिए।


🌍 विकास और पर्यावरण में संतुलन की जरूरत

रियाडा क्षेत्र झारखंड के उभरते औद्योगिक क्षेत्रों में गिना जाने लगा है, लेकिन अगर प्रदूषण पर अंकुश नहीं लगाया गया तो यह विकास लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकता है।
विशेषज्ञों का सुझाव है कि फैक्ट्रियों को ग्रीन टेक्नोलॉजी, फिल्टर सिस्टम और नियमित प्रदूषण मॉनिटरिंग को अपनाना चाहिए ताकि उद्योग और पर्यावरण दोनों सुरक्षित रह सकें।


लेखक की राय:
विकास तभी टिकाऊ है जब वह इंसान और प्रकृति दोनों के हित में हो। रियाडा के लोगों की आवाज़ को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन और फैक्ट्री प्रबंधन को तुरंत ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि इस औद्योगिक क्षेत्र की हवा फिर से सांस लेने लायक बन सके।

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