हज़ारीबाग जिले के लोहसिंघना थाना क्षेत्र से एक जबरदस्त पुलिस कार्रवाई हुई, जिसमें दानिश इकबाल नामक कुख्यात अपराधी को गिरफ्तार किया गया। उसके खिलाफ हत्या, लूट, रंगदारी, हथियारबंदी और विस्फोटक हमले जैसे गंभीर आरोपों के मुकदमे दर्ज हैं।
बताया गया है कि वह बिहार के गया जिले का रहने वाला है और लंबे समय से फरार था।
🔎 गिरफ्तारी की प्रक्रिया और रणनीति
- सूचना आधार: पांच अक्टूबर की रात पुलिस को जानकारी मिली कि दानिश इकबाल हज़ारीबाग, चतरा और औरंगाबाद जिलों में सक्रिय गिरोहों के साथ मिलकर किसी बड़ी वारदात की फिराक में घूम रहा है।
- विशेष अभियान: लोहसिंघना थाना प्रभारी एवं अन्य संबंधित टीमों ने मिलकर सशस्त्र बलों के साथ घेराबंदी अभियान शुरू किया।
- मुकदमे का दृश्य: रात करीब 2 बजे, हवाई अड्डा क्षेत्र के पास संदिग्ध को रुकने का इशारा किया गया। उसने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
- यह गिरफ्तारी उस वक्त हुई जब कुछ ही दिन पहले पुलिस ने गिरोह के एक अन्य प्रमुख—उत्तम यादव—को मार गिराया था।
🗣️ पूछताछ में दर्ज हुई सनसनीखेज बातें
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के दौरान दानिश इकबाल ने कई गंभीर वारदातों की जिम्मेदारी स्वीकार की है:
- दिसंबर 2024 में हज़ारीबाग में उदय साव की हत्या।
- गया जिले में अनवर अली हत्याकांड।
- गुरुहा थाना क्षेत्र में बरती गई बमबारी एवं मजदूरों पर गोलीबारी की घटनाएँ।
- रंगदारी (ठेकेदारों, व्यवसायियों) और लेवी वसूली का गिरोह चलाने की बात भी उसने मानी।
📄 फर्जी पहचान और दस्तावेज़ों की भूमिका
- गिरफ्तारी के समय उसके पास कई फर्जी दस्तावेज बरामद हुए — जिनमें अनाधिकृत आधार, पैन कार्ड, राशन कार्ड आदि शामिल हैं।
- साथ ही तीन ड्राइविंग लाइसेंस, पांच सिम कार्ड, और कई मोबाइल फोन भी ज़ब्त किए गए।
- पुलिस ने संकेत किया कि वह अक्सर नए नाम-एड्रेस और पहचानें बदलकर अपराध करता रहता था, जिससे पकड़ना मुश्किल हो जाता था।
⚖️ पहले दर्ज मामले और आरोप
दानिश इकबाल के खिलाफ कुल आठ से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें शामिल हैं:
- लोहरसीमा थाना मामला (हत्या, हथियार अधिनियम आदि)
- आमस थाना मामला (हत्या / मर्डर)
- गुरुहा थाना मामला
- शेरघाटी थानागत मामले (विभिन्न धाराएँ जैसे 337, 323, 307, 385 आदि)
- विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला
- अन्य हमले, आक्रमण व समान गंभीर धाराएँ
इन सभी मामलों में आरोप हैं कि उसने जानलेवा गतिविधियाँ की, हथियारों का प्रयोग किया और नागरिकों में आतंक फैलाया।
👮 पुलिस की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई
- पुलिस अधीक्षक ने गिरफ्तारी टीम—विशेष रूप से लोहरसिंघना थाना प्रभारी—की तत्परता की प्रशंसा की।
- उन्होंने यह भी कहा कि यह गिरफ्तारी उत्तम यादव गिरोह को बड़ा झटका है।
- गिरोह के बाकी सदस्यों की लंबित तलाश जारी है और पूरी गिरोह साज़िश के पर्दाफाश की योजना बनाई गई है।
🧭 नतीजा
दानिश इकबाल की गिरफ्तारी न सिर्फ हज़ारीबाग, बल्कि झारखंड-बिहार के अपराध तंत्र पर एक बड़ा प्रहार है।
उसकी गिरफ्तारी से यह उम्मीद बढ़ गई है कि बाकी गिरोह को तोड़ने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में पुलिस और प्रशासन और अधिक सक्रिय होंगे।






