रांची | संवाददाता
झारखंड में साइबर अपराध की बाढ़ को देखते हुए अब पुलिस ने आर-पार की लड़ाई छेड़ दी है। डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) ने रांची, हजारीबाग और धनबाद जिले के पुलिस अधिकारियों को साइबर ठगों के खिलाफ आक्रामक अभियान चलाने का निर्देश दिया है। साथ ही आम जनता को जागरूक करने के लिए 1930 साइबर हेल्पलाइन को गांव-गांव तक पहुंचाने का आदेश भी दिया गया है।
🚨 ऑनलाइन ठगों की अब खैर नहीं!
DIG ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि —
“साइबर अपराध अब केवल एक तकनीकी अपराध नहीं रहा, बल्कि यह जनता की आर्थिक और मानसिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर खतरा है।“
अधिकारियों को आदेश मिला है कि—
- हर शिकायत पर 24 घंटे के भीतर कार्रवाई हो।
- साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टास्क फोर्स बनाई जाए।
- बैंक, मोबाइल कंपनियों और तकनीकी एजेंसियों के साथ तालमेल को और मजबूत किया जाए।
📞 1930 — अब हर नागरिक की पहली डिजिटल सुरक्षा लाइन
राज्य में अब 1930 साइबर हेल्पलाइन को मिशन मोड में प्रचारित किया जाएगा।
DIG ने निर्देश दिया है कि:
- हर थाना, पंचायत भवन, स्कूल, कॉलेज, बाजार और सार्वजनिक स्थानों पर 1930 नंबर का प्रचार हो।
- सोशल मीडिया, टीवी-रेडियो और अख़बारों के जरिए जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए।
- आम नागरिकों को बताया जाए कि इस नंबर पर कॉल करने से उनका पैसा वापस लाया जा सकता है — यदि वे समय रहते जानकारी दें।
🧠 बदलते अपराध, बढ़ती चौकसी
DIG के मुताबिक, ठग अब लोगों को नए-नए तरीकों से निशाना बना रहे हैं:
- फर्जी बैंक अधिकारी बनकर कॉल करना,
- KYC अपडेट के नाम पर झांसा देना,
- बिजली काटने की धमकी देकर पेमेंट मंगवाना,
- इंस्टैंट लोन, नौकरी और ई-कॉमर्स डिलीवरी के बहाने ठगी करना।
इन तरीकों से लड़ने के लिए पुलिस को आदेश है कि वह—
- डिजिटल मॉनिटरिंग यूनिट्स बनाए,
- फर्जी कॉल सेंटरों की पहचान और छापेमारी करे,
- और सबसे अहम — जनता को साइबर साक्षर बनाए।
📍 तीनों जिलों में क्या होगा खास?
| जिला | विशेष निर्देश |
|---|---|
| रांची | सभी थानों में साइबर शिकायत नोडल अफसर की नियुक्ति |
| हजारीबाग | साइबर फ्रॉड हॉटस्पॉट की पहचान और निगरानी |
| धनबाद | फील्ड विज़िट कर ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान |
🙋♂️ DIG की अपील जनता से
“अगर किसी अजनबी से फोन आए, चाहे वह खुद को कोई भी अधिकारी बताए, OTP, UPI, बैंक डिटेल्स न दें। ठगी की आशंका होते ही तुरंत 1930 पर कॉल करें। आपकी सतर्कता ही आपकी सुरक्षा है।”
✅ आप क्या कर सकते हैं?
- किसी भी कॉल या लिंक पर बिना जांचे क्लिक न करें।
- बैंक, बिजली विभाग, या मोबाइल कंपनी का बहाना बना रहा कोई भी व्यक्ति विश्वसनीय नहीं है।
- किसी भी धोखाधड़ी की स्थिति में 1930 पर तत्काल संपर्क करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
🔚 निष्कर्ष
DIG के नेतृत्व में झारखंड पुलिस ने साइबर ठगों के खिलाफ निर्णायक जंग छेड़ दी है। अब ये लड़ाई सिर्फ पुलिस की नहीं, हर जागरूक नागरिक की जिम्मेदारी भी है। जितनी जल्दी हम सतर्क होंगे, उतनी जल्दी यह साइबर आतंक कमजोर होगा।






