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दिल्ली शराब नीति केस में केजरीवाल खुद पैरवी कर रहे:बोले- अदालत की टिप्पणियां ऐसी थीं, मानो मुझे भ्रष्ट ही मान लिया गया हो

On: April 13, 2026 4:26 PM
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दिल्ली शराब घोटाला मामले में सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हो रही है। इस दौरान दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल खुद अपनी दलीलें रख रहे है। केजरीवाल ने इस केस की जज स्वर्ण कांता शर्मा से खुद को अलग (रिक्यूज) करने की मांग की है। उन्होंने कोर्ट में कहा कि जिस तरह से ED और CBI ने पहले गवाहों को गिरफ्तार किया, फिर उनसे सौदेबाजी की। उसके बाद दूसरों का नाम लेते हुए बयान दर्ज करवाए। इस पर इस अदालत ने भी टिप्पणी की है। गवाहों के बयानों को लेकर अदालत की टिप्पणियां ऐसी थीं, मानो मुझे दोषी और भ्रष्ट ही मान लिया गया हो। इससे पहले इस मामले में 6 अप्रैल को सुनवाई हुई थी। तब कोर्ट ने CBI को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया और कहा कि अगर कोई जज को मामले से हटाने की मांग वाली अर्जी देना चाहता है, तो दे सकता है। CBI ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उसने केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य 22 आरोपियों को शराब घोटाला केस में बरी कर दिया था। इसी मामले में बुधवार को CBI ने दिल्ली हाईकोर्ट में हलफनामा दायर कर अरविंद केजरीवाल की याचिकाओं का विरोध किया है। CBI ने कहा कि ‘अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद’ (ABAP) के सेमिनार में शामिल होने का मतलब ये नहीं है की जस्टिस शर्मा का झुकाव किसी खास संगठन की तरफ है। CBI की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू और डीपी सिंह कोर्ट में मौजूद हैं और एजेंसी का पक्ष रख रहे हैं। मामले की सुनवाई जस्टिस स्वर्ण कांत शर्मा की बेंच कर रही है। कोर्टरूम लाइव…

27 फरवरी: ट्रायल कोर्ट ने केजरीवाल सहित 23 आरोपियों को बरी किया था ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में केजरीवाल सहित सभी 23 आरोपियों को राहत दी थी। ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में CBI की जांच की कड़ी आलोचना भी की थी। ट्रायल कोर्ट के आदेश के खिलाफ CBI की याचिका पर जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने सुनवाई की थी। उन्होंने 9 मार्च को कहा था प्राइमा फेसी (पहली नजर में) ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियां गलत लगती हैं और उन पर विचार जरूरी है। साथ ही, जस्टिस शर्मा की कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की ओर से CBI के जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने की सिफारिश पर भी रोक लगा दी थी। केजरीवाल 156 दिन, सिसोदिया 530 दिन तक जेल में रहे दिल्ली सरकार ने 2021 में राजस्व बढ़ाने और शराब व्यापार में सुधार के लिए आबकारी नीति बनाई थी, जिसे बाद में अनियमितताओं के आरोप लगने के बाद वापस ले लिया गया। इसके बाद उपराज्यपाल विनय सक्सेना ने CBI जांच के आदेश दिए थे। CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) का आरोप है कि इस नीति के जरिए निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाया गया और इसमें भ्रष्टाचार हुआ। इस मामले में केजरीवाल को 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान गिरफ्तार कर हिरासत में भेजा गया था। उन्हें 156 दिन की हिरासत के बाद सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली। वहीं सिसोदिया इस मामले में 530 दिन तक जेल में रहे। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… पश्चिम बंगाल में SIR- सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई:वोटर लिस्ट से 91 लाख नाम कटे थे; 23 अप्रैल को पहले चरण की वोटिंग पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले सुप्रीम कोर्ट सोमवार को SIR पर सुनवाई करेगा। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच मामले की सुनवाई करेगी। चुनाव आयोग ने 9 अप्रैल को बंगाल के लिए SIR की सूची जारी की थी। इसके बाद 91 लाख नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए थे। पूरी खबर पढे़ं…

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