दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने सत्र 2026-27 के लिए अपने कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS) पोर्टल को खोलकर एडमिशन प्रोसेस तो शुरू कर दिया है। लेकिन इस बार करीब 20 हजार छात्रों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं। सीबीएसई 12वीं के री-इवैल्युएशन (पुनर्मूल्यांकन) के नतीजे आने में हो रही देरी ने छात्रों की टेंशन बढ़ा दी है। छात्रों को डर है कि अगर वे पुराने मार्क्स के आधार पर फॉर्म भरते हैं, तो नॉर्थ कैंपस के टॉप कॉलेजों की रेस से बाहर हो जाएंगे। वहीं, अगर वे रिजल्ट का इंतजार करते हैं, तो शुरुआती राउंड की मुख्य सीटें फुल हो सकती हैं। छात्रों की दोहरी मुसीबत: न रुक पा रहे, न फॉर्म भर पा रहे जिन छात्रों ने नंबर बढ़ने की उम्मीद में री-इवैल्युएशन के लिए अप्लाई किया था, उनके संशोधित अंक अभी तक नहीं आए हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी में एक-एक नंबर पर कट-ऑफ और सीट बदल जाती है। ऐसे में पुराने नंबरों से मनपसंद कॉलेज मिलना मुश्किल है। ‘इस असमंजस के बीच दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों को पैनिक न करने की सलाह दी है और साफ किया है कि छात्र अभी अपने पास उपलब्ध (पुराने) मार्क्स के साथ ही सीएसएएस (CSAS) पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन पूरा कर लें। डीयू की दाखिला शाखा (Admission Branch) के मुताबिक, पोर्टल पर ‘करैक्शन विंडो’ ओपन की जाएगी। जैसे ही सीबीएसई का संशोधित रिजल्ट आएगा, छात्र अपने नए स्कोर को पोर्टल पर अपडेट कर सकेंगे। यूनिवर्सिटी ने भरोसा दिलाया है कि छात्रों को संशोधित अंक अपडेट करने का पर्याप्त समय दिया जाएगा ताकि किसी का नुकसान न हो।
DU एडमिशन में फंसे 20 हजार छात्र:CBSE री-इवैल्युएशन में देरी, सीटें फुल होने का डर; यूनिवर्सिटी ने कहा- पैनिक न हों, मिलेगा मौका
By InstaKhabar
On: June 28, 2026 8:46 PM






