हजारीबाग जिले में पिछले दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया है। विष्णुपुरी, शिवदयाल नगर, शिवपुरी, यशवंत नगर, बैंक कॉलोनी और हुडहुडू जैसे इलाकों में घरों में पानी घुस गया है। कई कच्चे मकान बारिश और दबाव के कारण ढह गए।
छड़वा डैम का संकट
लगातार बारिश से छड़वा डैम का जलस्तर खतरनाक सीमा को पार कर गया। डैम की अधिकतम क्षमता 30 फीट बताई जाती है, लेकिन पानी ऊपर से बहने लगा और एक फाटक टूट गया। इसके कारण बड़ी संख्या में मछलियाँ बह गईं और लगभग 100 एकड़ क्षेत्र जलमग्न हो गया। हालात बिगड़ने पर प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से फाटक क्षेत्र में आवाजाही बंद कर दी।
सड़कों और आवागमन पर असर
कटकमसांडी प्रखंड के कंडसार नवादा के पास नरियाही आहर के समीप सड़क धंस जाने से हजारीबाग और चतरा जिलों के बीच संपर्क टूट गया। लगभग 500 फीट लंबी सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। इस मार्ग से रोज़ाना स्कूल बसें और अन्य वाहन गुजरते थे, लेकिन अब लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने सांसद और जिला प्रशासन से तत्काल मरम्मत की मांग की है।
बचाव कार्य और रेस्क्यू
विष्णुगढ़ प्रखंड के चंद्रू फॉल में चार युवक मछली पकड़ने गए थे, लेकिन अचानक पानी का बहाव तेज होने पर वे बीच में फँस गए। सूचना मिलते ही डीवीसी प्रबंधन और पुलिस की टीम ने कार्रवाई की। डैम का गेट बंद कर नदी का बहाव कम किया गया और रात करीब 1:30 बजे चारों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। ग्रामीणों और परिजनों ने अधिकारियों की त्वरित कार्रवाई की सराहना की।
कृषि और आर्थिक नुकसान
भारी बारिश से सब्जी की फसलों को नुकसान हुआ है। आलू, प्याज, गोभी, धनिया और टमाटर की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। हालांकि धान की खेती के लिए यह बारिश फायदेमंद साबित हुई है। मिट्टी में नमी बढ़ने से आगामी रबी फसलों को भी लाभ मिलने की संभावना है।
त्योहारों पर असर
दुर्गा पूजा के दिन 124.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे मेले और ठेले वालों की बिक्री प्रभावित हुई। हालांकि दशहरे के दिन बारिश थोड़ी कम (48.8 मिमी) हुई, जिसके चलते मेले में कुछ हद तक भीड़ उमड़ी।






