हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग ज़िले में साइबर अपराधियों ने एक व्यक्ति का मोबाइल हैक कर उसके खाते से करीब 3 लाख रुपये उड़ा लिए। घटना केरेडारी थाना क्षेत्र के चट्टी पेट्रो गांव की है, जहां पीड़ित इदरीश अंसारी (पिता मो. राहत) को एक फर्जी बैंक मैनेजर बनकर ठगों ने जाल में फंसा लिया।
कैसे हुई ठगी
घटना 27 सितंबर दोपहर 12:30 बजे की है। इदरीश के मोबाइल पर एक व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक मैनेजर बताते हुए कहा कि उनका केवाईसी अपडेट नहीं हुआ है, और अगर तुरंत कार्रवाई नहीं की गई तो खाता फ्रीज़ कर दिया जाएगा। इसी बहाने साइबर ठगों ने उनका मोबाइल हैक कर लिया।
रकम कैसे निकाली गई
हैकिंग के बाद अपराधियों ने पीड़ित के दो अलग-अलग खातों से रकम निकाल ली।
- पहले खाते से तीन बार में ₹1,04,000 की निकासी की गई।
- दूसरे खाते से एक बार में ₹1,99,999 उड़ा लिए गए।
कुल मिलाकर अपराधियों ने ₹3,03,999 पर हाथ साफ कर दिया।
मोबाइल हैक कर किया दुरुपयोग
ठगों ने केवल पैसे ही नहीं उड़ाए, बल्कि इदरीश के मोबाइल का इस्तेमाल कर व्हाट्सएप ग्रुप्स और कॉन्टैक्ट्स को भी संदेश भेजे, ताकि और लोगों से पैसे ऐंठे जा सकें। आरोप है कि इस दौरान एक मजदूर नईम (बालूमाथ निवासी) से भी ₹5,000 की ठगी हुई।
शिकायत और पुलिस कार्रवाई
पीड़ित ने मामले की शिकायत साइबर थाना और केरेडारी थाना दोनों में दर्ज कराई है। बैंक ऑफ इंडिया (सीएसपी) की ओर से कहा गया कि अपराधियों ने मोबाइल के ऑटो डाउनलोड सिस्टम का फायदा उठाया।
साइबर थाना प्रभारी आभास कुमार ने बताया कि जांच जारी है और अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पीड़ित की राशि वापस दिलाने का भी प्रयास होगा।
बढ़ती साइबर ठगी पर चिंता
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि लोगों को फर्जी कॉल, लिंक और व्हाट्सएप संदेशों से कैसे बचाया जाए। केवाईसी अपडेट और खाते फ्रीज़ होने जैसी धमकियाँ देकर अपराधी लगातार भोले-भाले लोगों को निशाना बना रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता और डिजिटल सुरक्षा उपाय ही ऐसे मामलों को रोकने का सबसे कारगर तरीका है।






