हजारीबाग़, 29 अगस्त 2025।
झारखंड में लगातार हो रही हत्याओं और पुलिस की संदिग्ध कार्यशैली पर आजसू पार्टी ने कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी के केंद्रीय महासचिव–सह–प्रवक्ता संजय मेहता ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता कर कहा कि हजारीबाग़ समेत पूरे प्रदेश में संगठित अपराध और हत्याओं का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है, जबकि पुलिस अपनी जिम्मेदारियों से भटक चुकी है।
सूर्या हांसदा मौत का मामला मानवाधिकार आयोग पहुँचा
संजय मेहता ने सूर्या हांसदा की कथित पुलिस मुठभेड़ (एनकाउंटर) में हुई मौत को लोकतंत्र और मानवाधिकारों का हनन करार दिया। उन्होंने बताया कि यह मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC), दिल्ली तक पहुँच गया है। आयोग ने 27 अगस्त 2025 को केस संख्या 1031/34/9/2025 दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है।
संजय मेहता ने कहा –
“सूर्या हांसदा चार बार चुनाव लड़ चुके थे और मुख्यधारा की राजनीति से जुड़े थे। सजा देने का अधिकार केवल न्यायालय को है, पुलिस को नहीं।”
झारखंड बना हत्याओं का गढ़
आजसू प्रवक्ता ने पिछले एक साल में हुई घटनाओं का ज़िक्र करते हुए कहा कि हर महीने किसी न किसी संगठित अपराध में हत्या हो रही है और पुलिस मूकदर्शक बनी बैठी है।
- 29 अक्तूबर 2024 – मंजीत यादव (पूर्व वार्ड पार्षद सुनीता देवी के पति) की हत्या
- 29 नवम्बर 2024 – बड़कागांव में प्रकाश ठाकुर की हत्या
- 2 दिसम्बर 2024 – कांग्रेस नेता व पूर्व मुखिया उदय साव की हत्या
- 5 दिसम्बर 2024 – गिद्दी में दीपक सिंह की हत्या
- 8 जनवरी 2025 – कारोबारी संतोष सिंह की हत्या (उरीमारी कोलियरी)
- 7 मार्च 2025 – रांची में कोयला ट्रांसपोर्टर विपिन मिश्रा पर हमला
- 8 मार्च 2025 – एनटीपीसी के डीजीएम कुमार गौरव की हत्या (कटकमदाग)
संजय मेहता ने कहा कि सुभाष मुंडा और अनिल टाइगर जैसे सामाजिक–राजनीतिक कार्यकर्ताओं की हत्या ने भी कानून–व्यवस्था पर गहरे सवाल खड़े किए हैं।
पुलिस–माफिया गठजोड़ और आदिवासियों पर दमन का आरोप
आजसू नेता ने आरोप लगाया कि पुलिस और माफियाओं की सांठगांठ से अपराध को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस अपनी ‘रॉबिनहुड’ छवि गढ़ने के लिए फर्जी एनकाउंटर कर रही है, जिससे आम जनता का भरोसा टूट रहा है।
संजय मेहता ने कहा –
“आदिवासियों पर झूठे मुकदमे थोपे जा रहे हैं और उन्हें लगातार निशाना बनाया जा रहा है।”
सीबीआई जांच की मांग
आजसू पार्टी ने सूर्या हांसदा की मौत की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। मेहता ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि झारखंड पुलिसिंग पर एक व्यापक बहस हो।
उन्होंने दोहराया –
“पुलिस न्यायालय नहीं है, उसका काम अनुसंधान करना है, सजा देना नहीं।”
आजसू का एलान – सच की लड़ाई जारी रहेगी
प्रवक्ता ने कहा कि आजसू पार्टी पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी और न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी।
“हम सच की लड़ाई लड़ेंगे और जनता के हक़ की आवाज़ हर हाल में उठाते रहेंगे।”






