झारखंड सशस्त्र पुलिस (JAP) की Additional Director General प्रिया दुबे ने पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी एक आदेश को खुला विरोध किया है। उन्होंने अपने अधीनस्थ वाहिनी कमांडेंटों को आदेश दिया है कि वे सुनिश्चित करें कि कोई भी महिला सिपाही थानों में “मुंशी” का पदभार न संभाले।
मुख्य घटनाक्रम
- मुख्यालय ने 25 सितंबर को एक आदेश जारी किया, जिसके तहत JAP, IRB और SIRB की लगभग 212 महिला सिपाहियों को विभिन्न थानों में “मुंशी” के पद पर प्रतिनियुक्त करने की योजना बनाई गई थी।
- प्रिया दुबे ने यह मांग की कि इस तरह के आदेश जारी करने से पहले उनकी सहमति ली जाए और संबंधित इकाइयों की राय मांगी जाए।
- उन्होंने यह भी कहा कि थानों में “बल व मुंशी” की तैनाती सामान्यतः जिले के एसपी का दायित्व रहा है, ऐसे प्रशासनिक फैसले सीधे DGP कार्यालय से लेना असामान्य है।
- उन्होंने पत्राचार किया है कि जब तक इस विवाद का समाधान नहीं हो जाता, तब तक नए आदेश लागू न किए जाएँ।
विवाद का केंद्र
यह विवाद मुख्य रूप से इस बात पर केंद्रित है कि क्या पुलिस मुख्यालय को ऐसी तैनाती करने का अधिकार है, या इसे जिलास्तरीय प्रशासन द्वारा किया जाना चाहिए। ADG दुबे का तर्क है कि इस तरह के आदेशों से पहले नियमों का पालन और प्रशासकीय प्रक्रिया सुनिश्चित होनी चाहिए।






