झारखंड भाजपा में जल्द ही बड़ा संगठनात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है। पार्टी प्रदेश अध्यक्ष को लेकर विचार-विमर्श तेज हो गया है और संगठन के अंदरखाने से खबरें आ रही हैं कि पांच प्रमुख नेता इस रेस में सबसे आगे चल रहे हैं। इनमें दो सांसद, एक विधायक और वरिष्ठ संगठन नेता शामिल हैं।
🔍 कौन-कौन हैं इस रेस में?
पार्टी सूत्रों के अनुसार, नए प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में ये नाम सबसे आगे हैं:
- आदित्य साहू – राज्यसभा सांसद और भाजपा के प्रदेश महामंत्री, मजबूत संगठनात्मक पकड़ मानी जाती है।
- डॉ. प्रदीप वर्मा – संगठन में लंबे समय से सक्रिय, शांत लेकिन प्रभावशाली नेता।
- रघुवर दास – पूर्व मुख्यमंत्री, अनुभवी चेहरा लेकिन उनके नाम पर मतभेद भी हैं।
- मनीष जायसवाल – हजारीबाग से लोकसभा सांसद, युवा नेतृत्व के विकल्प के तौर पर उभरे हैं।
- सीपी सिंह – रांची से विधायक और पूर्व मंत्री, यदि सामान्य वर्ग से अध्यक्ष चुना जाता है तो सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं।
🧠 जातीय समीकरणों का गणित भी अहम
भाजपा इस बार प्रदेश अध्यक्ष चुनते वक्त ओबीसी समीकरण को खास ध्यान में रख रही है। आदित्य साहू और मनीष जायसवाल जैसे नेताओं का नाम इसलिए भी जोर पकड़ रहा है क्योंकि वे ओबीसी समुदाय से आते हैं। हालांकि, यदि पार्टी सामान्य वर्ग के किसी नेता को जिम्मेदारी देती है, तो सीपी सिंह सबसे मजबूत विकल्प के तौर पर देखे जा रहे हैं।
🏛️ दिल्ली में मिल रहे हैं संकेत?
सूत्रों के मुताबिक, सीपी सिंह हाल ही में दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर चुके हैं, जिससे उनकी दावेदारी को और बल मिला है। हालांकि पार्टी की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
📌 निष्कर्ष:
झारखंड भाजपा में नेतृत्व परिवर्तन लगभग तय माना जा रहा है। अब देखना ये होगा कि पार्टी अनुभव पर दांव लगाती है या युवा चेहरे को आगे लाकर संगठन को नई दिशा देने की कोशिश करती है। जिस भी नेता के सिर ताज सजेगा, उसे 2024 के लोकसभा और 2029 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए बड़ी जिम्मेदारी निभानी होगी।










