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झारखंड में कुड़मी समाज का ‘रेल टेका डोहोर छेका’ आंदोलन: हजारीबाग और सरायकेला में ट्रैक जाम

On: September 20, 2025 8:49 AM
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झारखंड में शनिवार (20 सितंबर) की सुबह से कुड़मी समाज ने अपनी लंबे समय से चली आ रही मांगों को लेकर “रेल टेका डोहोर छेका” यानी रेल रोको, सड़क घेरो आंदोलन की शुरुआत की। इस आंदोलन का असर राज्य के कई हिस्सों में देखने को मिला, खासकर हजारीबाग और सरायकेला में जहां हजारों की संख्या में लोग रेलवे ट्रैक पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे।

आंदोलन की पृष्ठभूमि

कुड़मी समाज अनुसूचित जनजाति (ST) की सूची में शामिल किए जाने की मांग को लेकर कई वर्षों से आंदोलन कर रहा है। समुदाय का कहना है कि उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि उन्हें अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में शामिल करने का अधिकार देती है। इस मांग को लेकर पहले भी कई बार रेल और सड़क जाम आंदोलन किए गए हैं।

सरायकेला और हजारीबाग में ट्रैक जाम

शनिवार सुबह से ही सरायकेला-खरसांवा जिले के सोनी रेलवे स्टेशन पर हजारों की संख्या में कुड़मी समाज के लोग जुटे।

  • यहां आंदोलनकारियों ने रेलवे ट्रैक पर बैठकर रेल चक्का जाम कर दिया।
  • इस दौरान एक मालगाड़ी को रोकना पड़ा
  • आंदोलनकारी हाथों में झंडे लिए नारेबाजी करते रहे।
  • पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं भी इस आंदोलन में शामिल रहीं।

भारी पुलिस बल की तैनाती

स्थिति को संभालने के लिए जिला प्रशासन और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने व्यापक तैयारी की थी।

  • केवल सोनी स्टेशन पर ही 350 से अधिक पुलिस और RPF जवानों की तैनाती की गई।
  • बावजूद इसके, आंदोलनकारी रेलवे ट्रैक तक पहुंचने में सफल रहे और वहां धरना पर बैठ गए।

धारा 144 लागू

जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर धारा 144 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत निषेधाज्ञा जारी की है।

  • यह निषेधाज्ञा 19 सितंबर की शाम 6 बजे से प्रभावी होकर अगले आदेश तक लागू रहेगी।
  • आदेश के तहत सभी रेलवे लाइनों के 300 मीटर दायरे में जमावड़ा और प्रदर्शन पर रोक लगाई गई है।
  • इसके बावजूद कुड़मी समाज के लोग पुलिस सुरक्षा व्यवस्था को तोड़ते हुए ट्रैक तक पहुंच गए।

किन-किन इलाकों में निषेधाज्ञा

सरायकेला अनुमंडल और आसपास के रेलवे स्टेशनों पर विशेष रूप से धारा 144 लागू की गई है। इनमें शामिल हैं:

  • चांडिल रेलवे स्टेशन, नीमडीह रेलवे स्टेशन, हैसालोंग रेलवे स्टेशन, झीमड़ी रेलवे स्टेशन
  • तिरूलडीह थाना क्षेत्र: तिरूलडीह रेलवे स्टेशन एवं लेटमदा रेलवे स्टेशन
  • नीमडीह थाना क्षेत्र: लेवल क्रॉसिंग गेट संख्या JC-56 (पितकी फाटक) एवं तिल्ला लेवल क्रॉसिंग गेट
  • आदित्यपुर थाना क्षेत्र: आदित्यपुर रेलवे स्टेशन
  • गम्हरिया थाना क्षेत्र: गम्हरिया रेलवे स्टेशन, विराजपुर रेलवे स्टेशन, यशपुर फाटक
  • कांड्रा थाना क्षेत्र: कांड्रा रेलवे स्टेशन एवं कुनकी हॉल्ट
  • सरायकेला थाना क्षेत्र: सीनी रेलवे स्टेशन से मुंडाटांड़ मैदान तक
  • खरसावां थाना क्षेत्र: माहलीनुरूप रेलवे स्टेशन एवं राजखरसावां रेलवे स्टेशन

प्रशासन की चुनौती

हालांकि प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी, लेकिन आंदोलनकारियों की संख्या इतनी अधिक रही कि वे रेल ट्रैक तक पहुंचने में सफल हो गए। रेल सेवाओं में बाधा उत्पन्न होने से मालगाड़ियों और यात्री गाड़ियों के संचालन पर असर पड़ सकता है।

नतीजा और आगे की स्थिति

कुड़मी समाज का यह आंदोलन फिलहाल जारी है और यदि स्थिति नियंत्रण से बाहर जाती है तो रेल परिचालन और कानून-व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है। सरकार और प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती है कि समुदाय के आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त कराते हुए बातचीत का रास्ता निकाला जाए।

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