कानपुर: रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। कानपुर में बेटे ने अपनी ही मां से चाकू दिखाकर दुष्कर्म किया। इस अमानवीय अपराध में फास्टट्रैक कोर्ट-41 के न्यायाधीश पीयूष सिद्धार्थ ने आरोपी बेटे को आजीवन कारावास (उम्रकैद) और 35 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माने की आधी राशि पीड़िता को देने का आदेश दिया गया है, वहीं क्षतिपूर्ति के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को संस्तुति की गई है।
घटना का विवरण
यह घटना 9 मार्च 2025 की है। उस दिन महिला घर पर अकेली थी। उसका बेटा शराब के नशे में चाकू लेकर घर आया, दरवाज़े बंद किए और मां की पिटाई करने के बाद उसके साथ दुष्कर्म किया। किसी तरह पीड़िता कमरे से बाहर निकली और रोने लगी।
उसी समय उसका बीएससी में पढ़ने वाला पौत्र घर आया। दादी ने उसे पूरी घटना बताई। पौत्र ने तत्काल यूपी-112 पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाज़ा तोड़ा और आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया।
कानूनी प्रक्रिया
- 18 मार्च 2025 को पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की।
- 19 जून 2025 को आरोप तय हुए और मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई।
- कुल चार गवाह — पीड़िता, पौत्र और अन्य दो लोगों को कोर्ट में पेश किया गया।
- सिर्फ छह महीने में विचारण पूरा कर कोर्ट ने फैसला सुना दिया।
कोर्ट की सख्त टिप्पणियाँ
अदालत ने कहा कि—
- “शराब के नशे में भी ऐसा घृणित कृत्य करने का विचार किसी पुत्र को नहीं आ सकता।”
- “आरोपी ने सामाजिक मर्यादा को तार-तार कर अपनी ही मां के साथ अमानवीय अपराध किया।”
- “मां और पुत्र का रिश्ता जन्म से पहले के नौ महीनों से शुरू होता है, इतना पवित्र संबंध होते हुए भी आरोपी ने यह दरिंदगी की।”
कोर्ट ने साफ कहा कि इस अपराधी को किसी भी तरह की सहानुभूति का हकदार नहीं माना जा सकता।
अभियोजन पक्ष का पक्ष
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जितेंद्र कुमार पांडेय ने कहा कि गवाहों और सबूतों के आधार पर आरोपी को दोषी साबित किया गया। उन्होंने कहा कि यह मामला इस बात का उदाहरण है कि त्वरित सुनवाई से पीड़िता को शीघ्र न्याय मिल सकता है।






