हज़ारीबाग जिले के चौपारण से होकर गुजरने वाला सिंघरावां–चौपारण फ्लाईओवर लोगों की जान के लिए खतरा बन गया है। हैरानी की बात यह है कि यह फ्लाईओवर अभी तक पूरी तरह से सही ढंग से चालू भी नहीं हो पाया है और फिर भी इसकी हालत जर्जर हो चुकी है। फ्लाईओवर के कई पिलर फट चुके हैं, सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे और दरारें पड़ गई हैं। लगातार भारी वाहनों की आवाजाही और रखरखाव की लापरवाही ने इसे मौत का जाल बना दिया है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) और ठेकेदार की ओर से वर्षों से केवल खानापूरी की जा रही है। असली मरम्मत की बजाय जब भी किसी बड़े अधिकारी का दौरा होता है, तभी थोड़ी-बहुत मरम्मत कराई जाती है। अब जबकि कल NHAI के CGM का दौरा प्रस्तावित है, आज जल्दबाज़ी में गड्ढों को भरने का काम किया जा रहा है ताकि दिखावा किया जा सके। कुछ ही दिनों में यह सीमेंट टूट जाता है और सड़क फिर से खतरनाक हो जाती है।
रोजाना हजारों गाड़ियाँ इस फ्लाईओवर से गुजरती हैं और हर पल बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है। ट्रक और बस चालकों को मजबूरी में टूटी सड़क से गुजरना पड़ता है, जिससे वाहनों के पलटने और टकराने का खतरा बढ़ गया है।
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि इस फ्लाईओवर की जल्द से जल्द स्थायी मरम्मत की जाए और दोषी ठेकेदार व अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि अब सिर्फ अस्थायी पैबंद लगाने से काम नहीं चलेगा, वरना किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है और सैकड़ों निर्दोष लोगों की जान जा सकती है।
लोगों में गुस्सा इस बात को लेकर भी है कि फ्लाईओवर ठीक से शुरू होने से पहले ही खराब हो गया और वर्षों से इसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। प्रशासन और NHAI की ढिलाई ने इस मार्ग को दुर्घटनाओं का अड्डा बना दिया है।
अब समय आ गया है कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया इस मामले को गंभीरता से लेकर स्थायी समाधान करे, ताकि हजारों यात्रियों की जान सुरक्षित रह सके।






