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बोकारो टैब लैब घोटाला: शिक्षा सुधार की आड़ में भ्रष्टाचार का बड़ा खेल

On: September 7, 2025 7:17 AM
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डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (डीएमएफटी) के फंड से बोकारो जिले में हुई खरीदारी व आपूर्ति के लिए हुए टेंडर में गड़बड़ी सामने आई है। नया मामला स्कूलों में टैब लैब बनाने का है। रांची की संमस्कारा एजेंसी को बोकारो जिले के 260 स्कूलों में टैब लैब की स्थापना के लिए 24,72,33,600 रुपए का भुगतान किया गया। लेकिन स्कूलों में लैब बनी ही नहीं, सिर्फ टैब की आपूर्ति कर कई गुना ज्यादा पैसे आवंटित कर दिए गए। उक्त एजेंसी ने ट्रेनिंग और दो वर्ष के मेनटनेंस की बात कही थी, लेकिन अब तक कहीं ट्रेनिंग नहीं कराई गई है। आरटीआई एक्टिविस्ट डॉ. राजकुमार को सूचना के अधिकार के तहत उपलब्ध कराई गई जानकारी के मुताबिक 23 मई 2025 को सरकारी स्कूलों में टैब लैब की आपूर्ति एवं स्थापना के लिए दो टेंडर किए गए। पहले टेंडर में 60 सरकारी स्कूलों में टैब लैब की आपूर्ति एवं स्थापना के लिए प्रत्येक टैब लैब यूनिट के लिए 8,30,130 रुपए की दर से कुल 4,98,07,800 रुपए का कार्यादेश आवंटित किया गया। वहीं दूसरे टेंडर में 20 सरकारी स्कूलों में टैब लैब की आपूर्ति एवं स्थापना के लिए प्रत्येक टैब लैब यूनिट की आपूर्ति एवं स्थापना के लिए पहले टेंडर से तीन गुना ज्यादा दर पर 24,95,700 रुपए की दर से कुल 4,99,14,000 रुपए का कार्यादेश आवंटित किया गया। जबकि जिले में कुछ स्कूलों में 30 तो किसी किसी स्कूलों में 60 टैब की आपूर्ति हुई है। सप्लाई किए गए टैब की कीमत प्रति टैब लगभग 10 हजार रुपए है। अगर एक स्कूल में 30 टैब की आपूर्ति हुई, तो तीन लाख, अगर किसी स्कूल में 60 टैब की आपूर्ति हुई, तो 06 लाख लगेंगे। पुराने बिल का भुगतान हुआ : वर्ष 2021-22 में 60 सरकारी स्कूलों में टैब की प्रत्येक यूनिट की आपूर्ति एवं स्थापना के लिए 07,98,270/- रुपए की दर से कुल 4,99,14,000 रुपए का दो कार्यादेश आवंटित किया गया था। दर को लेकर हुए अंतर के कारण पूर्व के उपायुक्तों ने एजेंसी का भुगतान नहीं किया था। उसका भुगतान तत्कालीन उपायुक्त विजया जाधव ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में कर दिया। एजेंसी के जिला को-ऑर्डिनेटनर ने बताया िक सिर्फ टैब की सप्लाई हुई है, समस्कारा एजेंसी को टैब लैब की आपूर्ति और स्थापित करने का काम मिला है। कई स्कूलों में सिर्फ टैब की आपूर्ति, लैब नहीं बनाई गई सच्चाई जानने भास्कर की टीम कुछ स्कूलों में पहुंची, जहां टैब लैब है। 260 स्कूलों में ही डीएमएफटी फंड से टैब लैब की आपूर्ति व स्थापना की गई है। टीम चास प्रखंड के नारायणपुर मध्य विद्यालय गई। जहां पता चला लैब नहीं है, 30 टैब मिले हैं। इसके बाद टीम उत्क्रमित मध्य विद्यालय विशुनपुर, उत्क्रमित मध्य विद्यालय जयतारा, चंदनकियारी प्रखंड के बोगुला, गोसाईडीह मध्य विद्यालय में जानकारी ली, तो पता चला कि सिर्फ टैब की आपूर्ति की गई है। वहां कोई लैब नहीं बनी है।

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