दिल्ली-जयपुर हाईवे पर गुरुग्राम में हुए सड़क हादसे ने यतेंद्र पाल सिंह के घर में अंधेरा फैला दिया। यतेंद्र गैंगस्टर कोर्ट में लिपिक हैं और उनके इकलौते बेटे आदित्य प्रताप सिंह की हादसे में मौत हो गई।
आदित्य 15 दिन पहले ही घर से गया था, और घर में हंसी-खुशी का माहौल था। अचानक शनिवार सुबह बेटे की मौत की खबर मिली, जिसने पिता यतेंद्र को बुरी तरह झकझोर दिया। इसके बाद वे परिवार के कुछ लोगों के साथ गुरुग्राम रवाना हुए, लेकिन घर की पत्नी चित्रलेखा और बेटी श्रष्टि को अभी तक हादसे की जानकारी नहीं दी गई।
यतेंद्र पाल सिंह: गैंगस्टर कोर्ट में लिपिक
यतेंद्र पाल सिंह जज कंपाउंड में रहते हैं और पिछले 27 वर्षों से वहीं कार्यरत हैं। उनका पैतृक घर हाथरस के विभव नगर बस अड्डे के पास स्थित है।
आदित्य शुक्रवार रात दोस्तों के साथ गाड़ी में जा रहे थे, तभी गुरुग्राम में यह भयानक सड़क हादसा हुआ। हादसे के समय उनके साथ अन्य लोग भी थे, लेकिन आदित्य को बचाया नहीं जा सका।
घर में शोक का सन्नाटा
यतेंद्र पाल सिंह ने बताया कि उन्हें शनिवार सुबह छह बजे बेटे की मौत की सूचना मिली। इसके बाद वे परिवार के कुछ सदस्यों के साथ गुरुग्राम की ओर रवाना हुए। आदित्य अक्सर महीने में एक-दो बार शनिवार और रविवार को घर आते थे।
शनिवार दोपहर जज कंपाउंड स्थित आवास में सन्नाटा पसरा हुआ था। घर में यतेंद्र की पत्नी चित्रलेखा और बेटी श्रष्टि थीं, जिन्हें अभी तक आदित्य की मौत की जानकारी नहीं दी गई। कुछ दोस्त घर पर पहुंचे और उन्हें बाहर से ही समझाकर वापस भेजा।
शिक्षा और करियर
आदित्य प्रताप सिंह ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई यूनिवर्सिटी मॉडल स्कूल से की। 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह बीटेक करने नोएडा गए। बीटेक के बाद उन्होंने निजी कंपनी में नौकरी शुरू की। आदित्य हंसमुख स्वभाव के थे और परिवार एवं दोस्तों के बीच हमेशा खुशमिजाज के तौर पर जाने जाते थे।
परिवार की पीड़ा
आदित्य की अचानक मृत्यु ने पूरे परिवार को स्तब्ध कर दिया है। 15 दिन पहले घर में गूंजती खुशियों के बीच, यह हादसा परिवार के लिए अत्यंत दर्दनाक साबित हुआ।
यह खबर न केवल हादसे की जानकारी देती है बल्कि परिवार की भावनात्मक पीड़ा और आदित्य के जीवन की झलक भी दिखाती है।






