इंस्टाखबर देश राज्य विदेश क्रिकेट एंटरटेनमेंट टेक्नोलॉजी राजनीति बिजनेस सेहत

जापान दूसरे देशों को घातक हथियार बेचेगा:50 साल बाद नीति में बदलाव किया, ऑस्ट्रेलिया के साथ 7 अरब डॉलर का समझौता

On: April 21, 2026 5:08 PM
Follow Us:

जापान ने सेकेंड वर्ल्ड वॉर के बाद अपनी शांतिवादी नीति में बड़ा बदलाव किया है। प्रधानमंत्री साने ताकाइची की कैबिनेट ने घातक हथियारों के निर्यात पर लगी दशकों पुरानी रोक हटा दी है। इसके तहत अब जापान फाइटर जेट, मिसाइल और वॉरशिप जैसे हथियार दूसरे देशों को बेच सकेगा। मंगलवार को X पर पोस्ट करते हुए ताकाइची ने कहा कि अब सभी रक्षा उपकरणों का ट्रांसफर संभव होगा। उन्होंने कहा कि हथियार सिर्फ उन देशों को दिए जाएंगे जो UN चार्टर (संविधान) के मुताबिक उनका इस्तेमाल करने का वादा करेंगे। जापान के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि कई देश जापानी हथियार खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। हाल ही में जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच 7 अरब डॉलर का समझौता हुआ है। इसके तहत मित्सुबिशी हेवी इंडस्ट्रीज ऑस्ट्रेलियाई नौसेना के लिए 11 में से पहले 3 वॉरशिप बनाएगी। इससे पहले 1976 में लागू प्रावधानों के तहत जापान सिर्फ गैर-घातक सैन्य उपकरण ही निर्यात कर सकता था। इनमें निगरानी और माइन स्वीपिंग जैसे उपकरण शामिल थे। जापान की ‘शांतिवादी नीति’ क्या थी सेकेंड वर्ल्ड वॉर और हिरोशिमा-नागासाकी परमाणु हमले के बाद जापान ने तय किया कि वह युद्ध से दूर रहेगा। संविधान के आर्टिकल 9 में साफ लिखा गया कि जापान युद्ध नहीं करेगा और सेना सिर्फ आत्मरक्षा तक सीमित रहेगी। इसी वजह से जापान ने सेल्फ डिफेंस फोर्स (SDF) बनाई। 1976 में जापान ने घातक हथियारों के निर्यात पर लगभग पूरी तरह रोक लगा दी। हालांकि 2014 में थोड़ी ढील दी गई लेकिन सख्त सीमाएं बनी रहीं। अब नए फैसले में जापान ने अपनी शांति नीति में बड़ा बदलाव किया है। 17 देश जापान से हथियार खरीद सकते हैं अल जजीरा के मुताबिक, इस फैसले के तहत कम से कम 17 देश जापान से हथियार खरीद सकेंगे। इसमें ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, फिलीपींस और इंडोनेशिया जैसे देश शामिल हैं। अगर और देश जापान के साथ समझौते करते हैं तो यह सूची बढ़ सकती है। वहीं, जापानी अखबार असाही के मुताबिक जापान उन देशों को हथियार नहीं बेचेगा जहां फिलहाल युद्ध चल रहा है। हालांकि विशेष परिस्थितियों में जैसे राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला हो तो इसमें छूट दी जा सकती है। बदलते सुरक्षा माहौल का असर बदलते सुरक्षा हालात की वजह से यह बदलाव लाया गया हैं। खासतौर पर इंडो-पैसिफिक में चीन की बढ़ती ताकत, उत्तर कोरिया के मिसाइल टेस्ट और रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे घटनाक्रम इसकी बड़ी वजह माने जा रहे हैं। अब जापान सिर्फ शांतिवादी देश नहीं रहना चाहता बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा में एक सक्रिय और जिम्मेदार साझेदार बनना चाहता है। अल जजीरा के मुताबिक, ताकाइची ने इस फैसले को बदलते वैश्विक हालात से जोड़ा। उनके अनुसार, मौजूदा समय में कोई भी देश अकेले अपनी शांति और सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकता इसलिए सहयोग और साझेदारी जरूरी हो गई है। जापान के डिफेंस इंडस्ट्री को क्या फायदा होगा जापान के इस फैसले को सिर्फ विदेश नीति का बदलाव नहीं, बल्कि उसके डिफेंस इंडस्ट्री के लिए बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है। दशकों तक हथियार निर्यात पर रोक होने की वजह से जापान की रक्षा कंपनियां घरेलू ऑर्डर तक सीमित थीं जिससे उनकी ग्रोथ धीमी रही। अब यह बाधा हटने से कंपनियों के लिए वैश्विक बाजार खुल गया है जिससे घरेलू डिफेंस इंडस्ट्री को स्केल (पैमाना) बढ़ाने का मौका मिलेगा। सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि जापानी कंपनियों को बड़े पैमाने पर नए ग्राहक मिलेंगे। अभी तक अमेरिका, रूस और यूरोपीय देशों का हथियार बाजार पर दबदबा था, लेकिन अब जापान भी इसमें एंट्री कर रहा है। रोजगार और इकोनॉमी पर भी इसका असर पड़ेगा। डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में नई नौकरियां बनेंगी, सप्लाई चेन मजबूत होगी और छोटे-छोटे सप्लायर भी इस इकोसिस्टम से जुड़ेंगे। इससे जापान की अर्थव्यवस्था को भी सपोर्ट मिलेगा। ———————- यह खबर भी पढ़ें… जापान में 7.7 तीव्रता का भूकंप, सुनामी की चेतावनी:बुलेट ट्रेन रोकनी पड़ी; सरकार बोली- आगे और बड़े भूकंप आ सकते हैं जापान में सोमवार दोपहर 1:23 बजे (भारतीय समयानुसार) 7.7 तीव्रता का जोरदार भूकंप आया। भूकंप का केंद्र तट से करीब 100 किमी दूर समुद्र में 20 किमी गहराई पर था। जापानी मौसम एजेंसी (JMA) ने तटीय इलाकों में 3 मीटर तक ऊंची सुनामी की चेतावनी जारी की है। साथ ही और भी बड़े भूकंप के लिए तैयार रहने को कहा है। भूकंप के बाद इवाते प्रांत में करीब 3 फीट, मियाको और हाचिनोहे में डेढ़ फीट तक लहरें दर्ज की गईं। इन इलाकों में पानी का स्तर बढ़ रहा है। पूरी खबर पढ़ें…

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

धनबाद के टण्डाबाड़ी बस्ती में फिर भू-धंसान, घरों में दरारें:सड़क फटी, किसी के हताहत होने की सूचना नहीं; कई परिवार घर छोड़ने को मजबूर

सुप्रीम कोर्ट बोला-जांच में ममता का दखल, लोकतंत्र को खतरा:देश में ऐसा होगा, सोचा नहीं था; ED जांच के दौरान फाइल लेकर चली गईं थीं

नाबालिग आदिवासी लड़की 7 माह की गर्भवती:शादी का झांसा देकर यौन शोषण का आरोप, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी

दनुआ घाटी में कार 30 फीट गहरी खाई में गिरी:चालक की मौत, दो लोग गंभीर रूप से घायल; कार बरही से गया की ओर जा रही थी

पाकिस्तानी ऑलराउंडर नवाज ड्रग टेस्ट पॉजिटिव पाए गए:PCB ने जांच शुरू की; टी-20 वर्ल्डकप के दौरान लिए गए सैंपल में फेल

चतरा में 24 लाख की अफीम और डोडा जब्त:छापेमारी के दौरान दो तस्कर फरार, उनके घर से बरामद किए गए मादक पदार्थ

Leave a Comment