CJI सूर्यकांत बोले संविधान देश की सबसे बड़ी ताकत है। इसकी मूल संरचना की रक्षा करना और उसे मजबूत बनाए रखना न्यायपालिका की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में से एक है। न्यायपालिका संविधान की संरक्षक है। यह किसी पक्ष या विपक्ष के लिए फैसला नहीं करती, बल्कि संवैधानिक मूल्यों के आधार पर निर्णय लेती है। उन्होंने आगे कहा कि देश में लंबित मामलों को लेकर न्यायपालिका ने कदम उठाने का फैसला किया है। इसके लिए केस मैनेजमेंट की एक आसान योजना बनाई गई है, जिसे अदालत में डॉकेट मैनेजमेंट कहा जाता है। उन्होंने यह बात डीडी न्यूज को दिए इंटरव्यू में कही। CJI ने कहा- संविधान की मूल संरचना नहीं बदलेगी 24 मई 2019 को सुप्रीम कोर्ट के जज बने थे CJI सूर्यकांत को 24 मई 2019 को भारत के सुप्रीम कोर्ट का जज बनाया गया था। उन्होंने 24 नवंबर 2025 को भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी। ———————— ये खबर भी पढ़ें… हैदराबाद लॉ यूनिवर्सिटी ग्रेजुएट्स के खिलाफ ऑर्डर पर यू-टर्न: BCI ने कहा था- वकील नहीं बनेंगे; छात्रों ने CJI को गेस्ट बनाने पर चिट्ठी लिखी थी बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने नेशनल एकेडमी ऑफ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च (NALSAR) यूनिवर्सिटी के 2026 बैच के छात्रों का नामांकन रोकने का आदेश वापस ले लिया है। इन छात्रों पर CJI जस्टिस सूर्यकांत के खिलाफ अभियान चलाने का आरोप था। BCI ने गुरुवार को कहा कि ताजा रिपोर्ट के मुताबिक NALSAR के 2026 में पास होने वाले छात्रों में से ज्यादातर निर्दोष हैं। ये छात्र इस मुहिम में शामिल होने के इच्छुक नहीं थे। पढ़ें पूरी खबर…
CJI बोले- संविधान देश की सबसे बड़ी ताकत:न्यायपालिका किसी के पक्ष-विपक्ष का फैसला नहीं करती; पेंडिंग केस लिए बनाई योजना
By InstaKhabar
On: August 13, 2026 11:44 PM





