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हैदराबाद लॉ यूनिवर्सिटी ग्रेजुएट्स के खिलाफ ऑर्डर पर यू-टर्न:BCI ने कहा था- वकील नहीं बनेंगे; छात्रों ने CJI को गेस्ट बनाने पर चिट्ठी लिखी थी

On: August 13, 2026 11:44 PM
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बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने नेशनल एकेडमी ऑफ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च (NALSAR) यूनिवर्सिटी के 2026 बैच के छात्रों का नामांकन रोकने का आदेश वापस ले लिया है। इन छात्रों पर CJI जस्टिस सूर्यकांत के खिलाफ अभियान चलाने का आरोप था। पिछले दिनों खबर सामने आई थी कि यूनिवर्सिटी के करीब 450 स्टूडेंट्स ने 2026 दीक्षांत समारोह में CJI को मुख्य अतिथि बनाए जाने का विरोध किया था। छात्रों के एक ग्रुप ने यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर, रजिस्ट्रार, फैकल्टी सदस्यों और प्रशासन के अन्य सदस्यों को लेटर लिखा BCI ने कहा कि ताजा रिपोर्ट के मुताबिक NALSAR के 2026 में पास होने वाले छात्रों में से ज्यादातर निर्दोष हैं। ये छात्र इस मुहिम में शामिल होने के इच्छुक नहीं थे। हैदराबाद यूनिवर्सिटी ने अभी तक दीक्षांत समारोह की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। लेकिन यह परंपरा रही है कि हर दीक्षांत में CJI का भाषण होता है। सभी छात्रों को एनरोलमेंट की मंजूरी BCI ने अपने बयान में कहा कि सदस्यों के साथ पूरी चर्चा के बाद परिषद ने अध्यक्ष के आदेश में बदलाव किया है। अब सभी छात्र अपनी पसंद की स्टेट बार काउंसिल में वकील के तौर पर एनरोल हो सकेंगे। परिषद ने कहा कि NALSAR के 2026 बैच के छात्रों का स्टेट बार काउंसिल में एनरोलमेंट रोकने वाला आदेश बदल दिया गया है। सभी छात्रों को अपनी पसंद की स्टेट बार काउंसिल में एनरोल होने का अधिकार होगा। BCI ने पहले रिपोर्ट मांगकर रोक लगाई थी BCI के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने CJI के विरोध के मामले में पहले NALSAR के वाइस चांसलर प्रोफेसर श्रीकृष्ण देव राव और सभी स्टेट बार काउंसिल से रिपोर्ट मांगी थी। रिपोर्ट में अभियान शुरू करने, उसे आयोजित करने या छात्रों को जुटाने वाले लोगों की जानकारी देने को कहा गया था। इसके बाद BCI ने स्टेट बार काउंसिल को NALSAR के 2026 बैच के छात्रों का एनरोलमेंट नहीं करने का आदेश दिया था। सर्कुलर में कहा गया था कि अगले आदेश तक 2026 में लॉ डिग्री हासिल करने वाले NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के किसी छात्र को कोई भी स्टेट बार काउंसिल वकील के तौर पर एनरोल नहीं करेगी। टाटा इंस्टीट्यूट पोस्टपोन कर चुका है दीक्षांत समारोह हाल ही में टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेस ने भी CJI सूर्यकांत के संभावित विरोध के डर से दीक्षांत समारोह स्थगित कर दिया था। : संस्थान ने 31 जुलाई को “अप्रत्याशित परिस्थितियों” का हवाला देते हुए कार्यक्रम से ठीक 48 घंटे पहले इसे टाल दिया था। टाटा इंस्टीट्यूट का 86वां दीक्षांत समारोह, जो पहले 2 अगस्त को होने वाला था, अब 22 अगस्त को होगा। 3 मौके, जब CJI सूर्यकांत के कमेंट पर भड़के लोग 15 मई: CJI ने कहा था- कुछ युवा कॉकरोच की तरह भटक रहे सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने एक याचिका पर सुनवाई के दौरान युवाओं पर टिप्पणी की थी। CJI सूर्यकांत ने कहा था- कॉकरोच की तरह ऐसे युवा हैं, जिन्हें इस पेशे में रोजगार नहीं मिल रहा है। इनमें से कुछ मीडिया, कुछ सोशल मीडिया और कुछ RTI और दूसरे तरह के एक्टिविस्ट बन रहे हैं। ये हर किसी पर हमला करना शुरू कर देते हैं।’ इस बयान के बाद ही 16 जुलाई को अभिजीत दीपके नाम के शख्स ने कॉकरोच जनता पार्टी नाम से सोशल मीडिया पेज बनाया। इसने ही दिल्ली जंतर-मंतर पर 35 दिन तक प्रदर्शन किया था। 22 जुलाई: CJI ने कहा था- हमें वीडियो देखने में दिलचस्पी नहीं है दरअसल, 22 जुलाई को एक वकील ने CJI की अगुआई वाली 3 जजों की बेंच के सामने जनहित याचिका लगाई थी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता वकील ने कहा- छात्र महत्वपूर्ण मुद्दे उठा रहे हैं। लेकिन उन पर पुलिस की बर्बरता के वीडियो भी हैं। यदि संभव हो तो मामले की सुनवाई जल्द की जाए। इस पर CJI सूर्यकांत ने कहा था, ‘हमें वीडियो में दिलचस्पी नहीं है, हमारे पास देखने का समय नहीं है।’ जब वकील ने छात्रों के साथ मारपीट के वीडियो देखने का दूसरी बार अनुरोध किया तो CJI ने कहा, ‘हमारा और अपना समय बर्बाद मत कीजिए।’ पढ़ें पूरी खबर… 24 जुलाई: CJI ने कहा था- किसी भी याचिका की सुनवाई से इनकार नहीं किया प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की हिंसा से जुड़ी 2 याचिकाएं दायर की गई हैं। इनमें कई राज्य पक्षकार के तौर पर शामिल हैं। इनका जिक्र पहले इसलिए नहीं किया गया क्योंकि वे डायरी नंबर का इंतजार कर रहे थे। इन दलीलों के बाद CJI ने कहा, “इसे लिस्टिंग में आने दें, हम इस पर सुनवाई करेंगे।” इससे पहले एक दूसरे मामले की सुनवाई के दौरान CJI ने कहा था- मैंने CJP के प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज से जुड़ी किसी भी याचिका की सुनवाई से इनकार नहीं किया। सच ये है कि कोई रिट याचिका दाखिल ही नहीं की गई थी। मीडिया ने भी गलत खबरें चलाईं। पढ़ें पूरी खबर…

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